
धौलाना। ककराना-धौलाना सीमा से सटी चकरोड पर कथित तौर पर पक्की सड़क बनाकर गेट लगाए जाने का विवाद अब लेखपाल और अधिवक्ता के बीच हुई कहासुनी तक पहुंच गया है। दोनों के बीच फोन पर हुई बातचीत का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तहसील प्रशासन में हलचल मच गई है। ऑडियो में कथित अभद्र भाषा और धमकी दिए जाने के आरोपों को लेकर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।
ककराना निवासी किसान के अनुसार, उसकी भूमि खसरा संख्या 1163/1 व ‘ख’ के समीप खसरा संख्या 1734 स्थित है। दोनों भूखंडों के बीच चकरोड है। किसान का आरोप है कि एसएसटी पाइप लिमिटेड की ओर से चकरोड पर पक्की सड़क बनाकर गेट लगा दिया गया है। किसान के अनुसार, इस मामले से संबंधित विवाद फिलहाल कमिश्नरी में विचाराधीन है।
सड़क निर्माण को लेकर पहले से चल रहा विवाद
आरोप है कि करीब एक माह पूर्व ककराना क्षेत्र में तैनात हुए लेखपाल ने एसडीएम के आदेश की अनदेखी करते हुए सड़क निर्माण करा दिया। मामले में किसान की पैरवी कर रहे बार एसोसिएशन तहसील धौलाना के अध्यक्ष विनोद सिसौदिया ने लेखपाल संघ के सचिव राघवेंद्र मलिक से फोन पर मामले में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा।
इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान मामला बढ़ने पर भाषा तीखी हो गई और धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद लेखपाल राघवेंद्र मलिक ने कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया।
लेखपाल का आरोप है कि उन पर गलत कार्य करने का दबाव बनाया जा रहा था। वहीं अधिवक्ता पक्ष का कहना है कि वह किसान के हित में मामले की पैरवी कर रहे थे।
तहसील प्रशासन ने शुरू की जांच
एसडीएम धौलाना कल्पना चौहान ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। संबंधित प्रकरण में दोनों पक्षों को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
चकरोड पर सड़क और गेट लगाए जाने को लेकर किसान और कंपनी के बीच पहले से विवाद चल रहा है। अब कथित ऑडियो वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया है। प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।