
22 वर्षीय युवती ने खरीदारी के दौरान पी थी सीलबंद बोतल का पानी, परिजनों ने लगाया संक्षारक पदार्थ होने का आरोप; जांच रिपोर्ट का इंतजार
हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पानी की एक सीलबंद बोतल पीने के बाद 22 वर्षीय युवती की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। युवती के परिजनों का आरोप है कि बोतल से एक घूंट पीते ही उसके मुंह और गले में तेज जलन शुरू हो गई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने सर्राफा कारोबारी अनुज वर्मा और एक अन्य युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) भी मामले की जांच कर रहा है।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अर्जुन नगर निवासी महिला 10 जुलाई की शाम अपनी 22 वर्षीय पुत्री के साथ स्थानीय सर्राफा कारोबारी की दुकान पर खरीदारी करने गई थीं। इसी दौरान युवती ने प्यास लगने पर पानी मांगा। आरोप है कि दुकान संचालक ने पास की दुकान से पानी मंगवाया। कुछ देर बाद एक ठंडी और सीलबंद पानी की बोतल लाई गई, जिसे सामान्य समझकर युवती ने खोलकर एक घूंट पी लिया।
परिजनों के अनुसार, पानी पीते ही युवती के मुंह और गले में तेज जलन होने लगी। वह घबराकर दुकान से बाहर निकली और उल्टियां करने लगी। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसे तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने गले और मुंह पर किसी रासायनिक प्रभाव जैसी आशंका जताई है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीलबंद बोतल में आखिर क्या था। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उसमें पानी की जगह कोई संक्षारक पदार्थ या एसिड जैसा तरल मौजूद था। हालांकि पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बोतल में वास्तव में क्या था।
पीड़िता की मां की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने सर्राफा कारोबारी अनुज वर्मा और पड़ोसी दुकानदार के पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल, पानी की बोतल, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बोतल कहां से लाई गई थी और उसके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ हुई थी या नहीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने भी जांच शुरू कर दी है। संबंधित बोतल और अन्य नमूनों को परीक्षण के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी खतरनाक रासायनिक या संक्षारक पदार्थ की पुष्टि होती है तो मामले में आवश्यकतानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस और एफएसडीए की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि युवती की तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण क्या था और घटना के पीछे कोई लापरवाही, छेड़छाड़ या अन्य कारण था। फिलहाल इस मामले में बोतल में एसिड या किसी अन्य रसायन की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।