
पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद वयस्क आरोपी और उसके बाल अपचारी चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सोमवार देर रात गांव कांवी कट के पास से दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के तुरंत बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी और आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद लगातार चल रही थी तलाश
क्षेत्राधिकारी (सीओ) मुनीश चंद्र ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गई थीं।सोमवार देर रात सूचना मिली कि दोनों आरोपी अपने छिपने के स्थान से मोटरसाइकिल पर निकलने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव कांवी कट के पास घेराबंदी की और दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक भी कब्जे में ले ली है, जिसे जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
कोल्ड ड्रिंक का झांसा देकर खेत में ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे छह वर्षीय बच्ची गांव के मंदिर के पास खेल रही थी। आरोप है कि अभिषेक और उसके साथ मौजूद उसका बाल अपचारी चचेरा भाई बच्ची को कोल्ड ड्रिंक दिलाने का झांसा देकर मोटरसाइकिल पर बैठाकर खेत की ओर ले गए।एफआईआर के अनुसार, खेत में मुख्य आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, जबकि बाल अपचारी उसके साथ मौजूद रहा। घटना के बाद दोनों बच्ची को वापस गांव की ओर लेकर लौट रहे थे।
पिता की नजर पड़ते ही मौके से भागे आरोपी
बताया गया कि रास्ते में बच्ची के पिता की नजर उन पर पड़ गई। परिजनों को देखकर दोनों आरोपी बच्ची को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बच्ची का कराया गया मेडिकल परीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराया। जांच के दौरान सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है।
बाल अपचारी पर किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई
सीओ मुनीश चंद्र ने बताया कि गिरफ्तार वयस्क आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है, जबकि बाल अपचारी के विरुद्ध किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।