
हापुड़। जनपद हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में लकड़ी की आपूर्ति के नाम पर 52 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार लोगों ने बड़े स्तर पर लकड़ी उपलब्ध कराने का भरोसा देकर एक कारोबारी से लाखों रुपये ले लिए, लेकिन न तो लकड़ी की सप्लाई की और न ही रकम लौटाई। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित तौर पर तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लकड़ी का कारोबार कराने का दिया भरोसा, 52 लाख रुपये लेने का आरोप
पिलखुवा के मोहल्ला पुरा निवासी सुनील कुमार गर्ग ने न्यायालय के माध्यम से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि शैलेश फार्म निवासी अमित कुमार, डॉ. सलीम अहमद, इरशाद अहमद और हर्ष अग्रवाल ने उन्हें बड़े स्तर पर लकड़ी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।
शिकायत के अनुसार व्यापारिक लेन-देन के तहत आरोपियों को कुल 52 लाख रुपये दिए गए। इसमें 20 लाख रुपये चेक के माध्यम से और 32 लाख रुपये नकद दिए जाने का दावा किया गया है।
न लकड़ी मिली, न वापस मिले रुपये
पीड़ित का आरोप है कि पूरी रकम लेने के बावजूद आरोपियों ने लकड़ी की आपूर्ति नहीं की। जब भी सप्लाई के बारे में पूछा गया, वे लगातार टालमटोल करते रहे। काफी समय बीतने के बाद जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपियों ने कथित तौर पर पैसे लौटाने से भी इनकार कर दिया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विवाद को बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
दुकान पर पहुंचकर तमंचा दिखाने और धमकी देने का आरोप
एफआईआर के अनुसार, 1 जनवरी 2026 की सुबह तीन आरोपी पीड़ित की दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने तमंचा दिखाते हुए दोबारा रुपये मांगने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग एकत्र होने लगे, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित का कहना है कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के निर्देश दिए। इसके बाद पिलखुवा कोतवाली पुलिस ने चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली।
व्यापारिक विवाद या सुनियोजित ठगी? जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि मामला केवल व्यापारिक लेन-देन का विवाद है या शुरुआत से ही सुनियोजित तरीके से ठगी की गई।
जांच के दौरान बैंक लेन-देन, चेक भुगतान, नकद राशि के दावों, दोनों पक्षों के बीच हुए दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाएगी।
सीओ पिलखुवा का बयान
सीओ पिलखुवा मुनीश चंद्र ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: समाचार में लगाए गए आरोप एफआईआर और न्यायालय के आदेश पर दर्ज मुकदमे पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।