पिलखुवा। जीएस विश्वविद्यालय परिसर में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, शौर्य, संघर्ष और स्वराज पर आधारित ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। महानाट्य के माध्यम से छात्रों को राष्ट्र, समाज और संस्कारों से जुड़ने तथा अपने गौरवशाली इतिहास को जानने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मधुबाला ने किया। दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम ने कहा कि बच्चों में सेवा, साधना और संस्कार की भावना विकसित करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष महानाट्य का आयोजन गाजियाबाद में 22 से 28 अक्टूबर तक किया जाएगा। उनके अनुसार, ‘जाणता राजा’ का देश-विदेश में 1300 से अधिक बार मंचन हो चुका है।
शिवाजी महाराज का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा
नगर पालिका अध्यक्ष विभु बंसल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन कर्तव्यनिष्ठा, नेतृत्व और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से उनके जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. यतीश अग्रवाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. शरद गोयल सहित शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।