
धौलाना। धौलाना-गुलावठी मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाया गया रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) बंद पड़ा होने से कूड़ा निस्तारण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सेंटर पर ताले लगे होने के कारण गांव की गलियों और मुख्य मार्गों पर खुले में कूड़ा डाला जा रहा है। इससे गंदगी और दुर्गंध के साथ मच्छर-मक्खियों की समस्या भी बढ़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, आरआरसी सेंटर का निर्माण कूड़े के निस्तारण और उपयोगी कचरे को रिसाइकिल करने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन सेंटर का नियमित उपयोग नहीं हो रहा है। सेंटर की दीवार के पास भी कूड़े का ढेर लगा हुआ है।
धौलाना निवासी अभिषेक तोमर ने सवाल उठाया कि जब कूड़ा निस्तारण के लिए आरआरसी सेंटर बनाया गया है तो उसका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे सरकारी धन के उपयोग पर भी सवाल खड़े होते हैं।
राजीव उपाध्याय उर्फ गुड्डू ने आरोप लगाया कि ब्लॉक की बड़ी ग्राम पंचायत होने के बावजूद धौलाना में सफाई व्यवस्था की तस्वीर धरातल पर संतोषजनक नहीं है। वहीं ज्ञानेन्द्र चौहान ने भी मुख्य मार्गों पर फैली गंदगी को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के गेट के सामने तक कूड़ा जमा है।
दो कर्मचारी और दो ई-रिक्शा लगाए गए
ग्राम पंचायत सचिव गुरविंदर सिंह ने बताया कि पंचायत में सफाई व्यवस्था के लिए दो कर्मचारी नियुक्त हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए पहले उपलब्ध ई-रिक्शा खराब हो गया था, जिसके बाद दो नए ई-रिक्शा खरीदे गए हैं।
उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासक अतीक अहमद ग्रामीणों के बीच जाकर जागरूकता अभियान चलाएंगे।