
हापुड़। जनपद हापुड़ के गालंद गांव में पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक मामला सामने आया है। आरोप है कि लखनऊ में तैनात एक उपनिरीक्षक की गैरमौजूदगी में कुछ लोग उनके घर में घुस गए और उनकी बीमार बुजुर्ग माता-पिता तथा पत्नी के साथ मारपीट और अभद्रता की। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पारिवारिक विवाद के बाद हुई घटना का आरोप
कोतवाली में दर्ज एफआईआर के अनुसार, लखनऊ में तैनात उपनिरीक्षक सचिन कुमार की पत्नी श्वेता ने शिकायत दी है कि उनके जेठ राहुल कुमार और जेठानी संजना के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद के बाद तनाव का माहौल था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 8 जुलाई को संजना की मां ममता, मोदी उर्फ वीरेंद्र, सागर और सोनू उनके घर पहुंचे। उस समय उपनिरीक्षक सचिन कुमार अपनी सरकारी ड्यूटी के सिलसिले में लखनऊ में थे और घर पर केवल महिलाएं एवं बुजुर्ग मौजूद थे।
बीमार बुजुर्गों से मारपीट का आरोप
एफआईआर के अनुसार, घर में मौजूद उपनिरीक्षक की माता लंबे समय से थायरॉयड और मधुमेह से पीड़ित हैं, जबकि उनके पिता पिछले करीब तीन वर्षों से लकवाग्रस्त हैं और लीवर संबंधी बीमारी का इलाज करा रहे हैं।
शिकायत में आरोप है कि आरोपी पहले घर के बाहर गाली-गलौज करने लगे और बाद में जबरन घर में प्रवेश कर बुजुर्ग दंपती के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया।
बीच-बचाव करने पर पत्नी से भी मारपीट का आरोप
पीड़िता श्वेता का आरोप है कि जब उन्होंने अपने सास-ससुर को बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए। शिकायत के अनुसार, जाते समय आरोपियों ने परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी।
चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मामले में पुलिस ने ममता, मोदी उर्फ वीरेंद्र, सागर और सोनू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
सीओ बोले—निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
सीओ पिलखुवा मुनीश चंद्र ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप एफआईआर और शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। आरोपियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।