निक्षय दिवस पर जनपदभर में चला विशेष स्वास्थ्य अभियान

हापुड़। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत गुरुवार को जनपद हापुड़ के सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ‘निक्षय दिवस’ मनाया गया। अभियान के दौरान संभावित टीबी मरीजों की पहचान के लिए विशेष जांच शिविर लगाए गए और आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर कुमार आहुजा के निर्देशन में आयोजित इस अभियान की निगरानी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने की। जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर सुशील चौधरी और कार्यक्रम समन्वयक दीपक शर्मा ने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

संभावित टीबी मरीजों की हुई जांच

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निक्षय दिवस के तहत सभी टीबी क्लीनिकों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में संभावित टीबी मरीजों की जांच की गई। आवश्यकता के अनुसार बलगम की जांच, डिजिटल एक्स-रे तथा अन्य परीक्षण कराए गए। साथ ही जोखिम वाले समूहों (Vulnerable Population) की भी स्क्रीनिंग की गई।

टीबी के साथ शुगर और एचआईवी की भी जांच

उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि टीबी के कई मरीजों में मधुमेह (शुगर) या एचआईवी संक्रमण भी पाया जा सकता है, जिससे उपचार प्रभावित हो सकता है। इसी कारण शासन के निर्देशानुसार संभावित टीबी मरीजों की शुगर और एचआईवी की जांच भी कराई जा रही है, ताकि समय रहते समुचित उपचार शुरू किया जा सके।

नए मरीजों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण

अभियान के दौरान चिन्हित नए टीबी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण किया गया। इसके माध्यम से मरीजों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निशुल्क दवाएं और निक्षय पोषण योजना के तहत आर्थिक सहायता का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पोषण सहायता उपचार के दौरान मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ग्राम चमरी में लगा विशेष स्वास्थ्य शिविर

निक्षय दिवस के अवसर पर मैरिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड तथा श्री प्रेमचंद लोहिया मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से ग्राम चमरी के वाल्मीकि चौक पर विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें टीबी के लक्षण, बचाव तथा उपचार के बारे में जागरूक किया गया।

सीएमओ ने समय पर जांच कराने की अपील की

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर कुमार आहुजा ने जनपदवासियों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, भूख न लगना, बलगम में खून आना या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो वह तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराए।

उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर टीबी की जांच और उपचार पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है। समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी का सफल इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से ही टीबी मुक्त हापुड़ और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

Please follow and like us: