
हापुड़। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-9) पर कई स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग और स्टील बैरियर क्षतिग्रस्त या गायब होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे सड़क सुरक्षा प्रभावित हो सकती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। मामले को लेकर प्रशासन ने संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब करने की बात कही है।
अठसैनी ओवरब्रिज के पास रेलिंग नहीं होने का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के अठसैनी गांव स्थित ओवरब्रिज के दोनों ओर लगी सुरक्षा रेलिंग का एक हिस्सा अब दिखाई नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि इससे सर्विस रोड और मुख्य हाईवे के बीच आवाजाही आसान हो गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि आसपास शिक्षण संस्थान होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और राहगीरों का आवागमन रहता है।
फूलड़ी मार्ग और अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि फूलड़ी मार्ग के समीप भी सुरक्षा रेलिंग क्षतिग्रस्त या अनुपस्थित है। उनका कहना है कि इसके कारण कुछ लोग निर्धारित क्रॉसिंग के बजाय सीधे हाईवे पार करने का प्रयास करते हैं, जो जोखिमपूर्ण हो सकता है।
स्टील बैरियर काटे जाने के आरोप
बक्सर नहर पुल के पास कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि भारी वाहनों की आवाजाही के लिए हाईवे किनारे लगी स्टील सुरक्षा संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विभाग द्वारा इसकी जांच की जानी है।
सड़क सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर लगी रेलिंग और बैरियर का उद्देश्य वाहनों, पैदल यात्रियों और पशुओं की अनियंत्रित आवाजाही को रोकना है। यदि ये सुरक्षा व्यवस्थाएं क्षतिग्रस्त रहती हैं, तो सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। उन्होंने क्षतिग्रस्त स्थानों की शीघ्र मरम्मत और नियमित निगरानी की मांग की है।
प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश
गढ़मुक्तेश्वर के एसडीएम श्री राम यादव ने कहा कि यदि राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगी सुरक्षा रेलिंग या स्टील बैरियर को नुकसान पहुंचाया गया है, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी जाएगी और जांच में यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े ढांचे को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
नोट: यह समाचार स्थानीय लोगों के दावों और प्रशासन की प्रारंभिक प्रतिक्रिया पर आधारित है। सुरक्षा संरचनाओं के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।