रेलवे ट्रैक के पास वीडियो बनाने का मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में

हापुड़। जनपद हापुड़ के ब्रजघाट रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति रेलवे ट्रैक के समीप फिल्मी गीत पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान पास से एक ट्रेन गुजरती नजर आती है। वीडियो के वायरल होने के बाद रेलवे सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है और आरपीएफ ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

ट्रेन गुजरने के दौरान रिकॉर्ड किया गया वीडियो

वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि एक व्यक्ति रेलवे ट्रैक के निकट खड़े होकर डांस कर रहा है, जबकि आसपास मौजूद कुछ लोग उसका वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं। वीडियो में उसी समय पास से एक ट्रेन भी गुजरती दिखाई देती है।

हालांकि, वीडियो के समय, परिस्थितियों और सटीक स्थान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल इसकी जांच कर रहे हैं।

रेलवे ट्रैक के आसपास रील बनाना हो सकता है खतरनाक

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक और रेलवे परिसर के आसपास अनावश्यक रूप से रुकना, वीडियो या रील बनाना और जोखिम भरी गतिविधियां करना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। रेलवे समय-समय पर यात्रियों और आम लोगों से ऐसे कार्यों से बचने की अपील करता रहा है।

आरपीएफ ने लिया संज्ञान

गढ़मुक्तेश्वर आरपीएफ चौकी प्रभारी केशव कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। जांच की जा रही है कि वीडियो रेलवे परिसर का है या नहीं तथा इसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में रेलवे परिसर में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने इसे जोखिम भरा व्यवहार बताते हुए सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। वहीं कुछ लोगों ने ऐसे वीडियो बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई है।

आरपीएफ की अपील

आरपीएफ ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए अपनी या दूसरों की जान जोखिम में न डालें। रेलवे ट्रैक और स्टेशन परिसर में सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

नोट: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और आरपीएफ द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। वीडियो की प्रामाणिकता और सभी तथ्यों की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही होगी।

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