
थाना धौलाना क्षेत्र के करीमपुर भाईपुर मिलक गांव में सात वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पीड़िता को चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए अस्पताल भेजा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दो टीमें गठित की हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
क्षेत्राधिकारी पिलखुवा मुनीश चंद्र के अनुसार, सात वर्षीय बच्ची अपने 10 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर भाई के साथ अपनी नानी के घर रहती है। बच्ची की मां हरियाणा में रहती हैं, जबकि नानी नोएडा में घरेलू काम करती हैं।
आरोप है कि कथित नाना के छोटे भाई धर्मेंद्र उर्फ धर्मू ने मौका पाकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के भाई ने विरोध किया तो आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर डराया।
पुलिस के अनुसार, बच्ची पिछले दो-तीन दिनों से अस्वस्थ थी। बाद में बच्चों ने घटना की जानकारी नोएडा से घर लौटी नानी को दी। नानी ने बच्ची को निजी चिकित्सक को दिखाया। हालत गंभीर होने पर उसकी मां को सूचना दी गई। हरियाणा से पहुंची मां ने देर रात डायल-112 पर पुलिस को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पीआरवी-8 और थाना धौलाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने रात करीब 11 बजे बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर उपचार के लिए सीएचसी धौलाना भेजा। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल हापुड़ रेफर कर दिया।
पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता की आवश्यक चिकित्सकीय जांच और अन्य विधिक कार्रवाई कराई जा रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित
क्षेत्राधिकारी पिलखुवा मुनीश चंद्र ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमों का गठन किया गया है। दोनों टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मासूम के दर्द ने परिवार को तोड़ा
गांव में घटना के बाद बच्ची और उसके परिवार की पीड़ा ने गांव के लोगों को भी विचलित कर दिया है। जिस उम्र में बच्चे खेल-कूद और परिवार के स्नेह के बीच अपना बचपन जीते हैं, उस उम्र में बच्ची के साथ हुई कथित ज्यादती ने उसे गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता की सुरक्षा, उपचार और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।