
भगवान शिव के प्रति आस्था और संकल्प के साथ महाराष्ट्र के जालना जिले के रहने वाले सोमनाथ खरे साइकिल से देश के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए निकले हैं। 17 जनवरी से शुरू हुई उनकी यात्रा अब तक हजारों किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है। सोमनाथ आठ ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर चुके हैं और अब शेष चार ज्योतिर्लिंगों की ओर बढ़ रहे हैं।
सोमनाथ के लिए यह यात्रा केवल दूरी तय करने का माध्यम नहीं है, बल्कि भगवान शिव के प्रति उनकी श्रद्धा और समर्पण से जुड़ी है। लंबे सफर के दौरान मौसम की चुनौतियां और थकान भी उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर पा रही हैं। उनका कहना है कि यात्रा में जब भी थकान महसूस होती है, वह महादेव का स्मरण करते हैं और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते हैं।
गंगोत्री से मथुरा की ओर बढ़ रही साइकिल यात्रा
सोमनाथ खरे ने बताया कि वर्तमान में वह गंगोत्री से मथुरा की ओर साइकिल से जा रहे हैं। हापुड़ पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कई बार रास्ते कठिन होते हैं, लेकिन भगवान शिव का नाम उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उनका विश्वास है कि महादेव की कृपा से वह अपने संकल्प को पूरा करेंगे।
रामेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद होगा यात्रा का समापन
सोमनाथ खरे के अनुसार, शेष ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए उन्हें अभी करीब 11 से 15 हजार किलोमीटर का सफर और तय करना है। यात्रा दक्षिण भारत तक पहुंचेगी और अंत में तमिलनाडु स्थित रामेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के बाद इसका समापन होगा।
12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का संकल्प उनके लिए जीवन का विशेष आध्यात्मिक अनुभव है। साइकिल से हजारों किलोमीटर की यह यात्रा उनकी शिवभक्ति और दृढ़ संकल्प की कहानी बयां करती है।