लखनऊ में ट्रैफिक सिपाही से मारपीट, वर्दी फाड़ने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

बाराबिरवा चौराहे पर रॉन्ग साइड से कार रोकने पर बिगड़ा मामला, पुलिस ने कार भी की सीज

लखनऊ। कृष्णानगर थाना क्षेत्र के बाराबिरवा चौराहे पर यातायात नियमों का उल्लंघन कर रही कार को रोकना ट्रैफिक कांस्टेबल को भारी पड़ गया। आरोप है कि कार सवार तीन युवकों ने रॉन्ग साइड से वाहन आगे ले जाने की अनुमति देने का दबाव बनाया। मना करने पर उन्होंने कांस्टेबल के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। हाथापाई के दौरान उसकी वर्दी फट गई और शरीर पर चोटें भी आईं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कार सीज कर दी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष वर्मा (27), निवासी ओढव एसपी रिंग रोड, वस्त्राल, अहमदाबाद (गुजरात), आलोक कुमार यादव (28), निवासी टांडा, अंबेडकरनगर और दीपक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक तीनों को गिरफ्तार करने के बाद विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।

घटना 23 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे की बताई गई है। ट्रैफिक पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल जसवंत यादव बाराबिरवा चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने गुजरात नंबर GJ 27 EF 8097 की एक कार को बदनाम लड्डू की ओर से गलत दिशा में आलमबाग की तरफ आते देखा।

जसवंत यादव के अनुसार, कार के रॉन्ग साइड से आने के कारण चौराहे पर जाम लग रहा था और दुर्घटना की आशंका थी। उन्होंने कार को रोकने का संकेत दिया। आरोप है कि कार से उतरे तीनों युवकों ने सिपाही पर वाहन को उसी दिशा में आगे जाने देने का दबाव बनाया।

कांस्टेबल ने यातायात नियमों का हवाला देते हुए उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि संतोष वर्मा ने कांस्टेबल की वर्दी का कॉलर पकड़कर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आलोक कुमार और दीपक पर भी मारपीट में शामिल होने का आरोप है।

खींचतान के दौरान कांस्टेबल की वर्दी फट गई और उसे चोटें आईं। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभालते हुए बीच-बचाव किया और जसवंत यादव को आरोपितों से छुड़ाया। इसके बाद तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया।

एसीपी कृष्णानगर अभिषेक कुमार पांडेय के अनुसार, कांस्टेबल की तहरीर पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोकसेवक पर हमला करने, वर्दी फाड़ने और मारपीट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और घटना में इस्तेमाल कार को सीज कर दिया गया है।