खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, डेयरी पर औचक छापा

हापुड़। जनपद में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गुरुवार को गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र की एक डेयरी पर औचक छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पनीर, दूध, क्रीम और खोया के नमूने लिए गए। साथ ही अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी गई बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया।

जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई

खाद्य विभाग के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में सहायक आयुक्त (खाद्य) चंद्रशेखर मिश्र के नेतृत्व में गठित विशेष सचल दल ने ग्राम सदरपुर, तहसील गढ़मुक्तेश्वर स्थित राधेश्याम डेयरी का निरीक्षण किया।

कार्रवाई में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी सोवेंद्र सिंह पंघाल, विपिन कुमार सिंह, आर.पी. गुप्ता, सहरिश सादात और मोहित कुमार शामिल रहे।

पांच खाद्य नमूने लिए गए

निरीक्षण के दौरान टीम ने कुल पांच नमूने विधिक प्रक्रिया के तहत संग्रहित किए, जिनमें शामिल हैं—

  • पनीर का एक नमूना
  • मिश्रित दूध के दो नमूने
  • मिल्क क्रीम का एक नमूना
  • खोया का एक नमूना

सभी नमूनों को सील कर खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी सामग्री कराई गई नष्ट

खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान डेयरी परिसर में कुछ दुग्ध उत्पाद अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे मिले। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मौके पर ही लगभग 150 किलोग्राम पनीर तथा 50 किलोग्राम मिल्क क्रीम को नष्ट कराया। विभाग के अनुसार इन उत्पादों की अनुमानित कीमत लगभग 61 हजार रुपये है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई।

सुधार नोटिस जारी करने की तैयारी

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित कमियां मिलने पर प्रतिष्ठान संचालक को सुधार सूचना (इम्प्रूवमेंट नोटिस) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्धारित समय सीमा में आवश्यक सुधार नहीं किए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट के आधार पर होगी कानूनी कार्रवाई

सहायक आयुक्त (खाद्य) चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि नमूने अधोमानक (Substandard), मिसब्रांडेड (Misbranded) या मिलावटी पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और आम जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

त्योहारी सीजन को देखते हुए बढ़ी निगरानी

रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और अन्य त्योहारों के मद्देनजर दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जनपद भर में डेयरियों, मिठाई की दुकानों, खोया मंडियों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी तेज कर दी है।

विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर, पिलखुवा, धौलाना और बाबूगढ़ क्षेत्रों में भी विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे।

नोट: किसी प्रतिष्ठान से खाद्य नमूना लिया जाना या खाद्य सामग्री को अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण नष्ट कराया जाना अपने आप में यह सिद्ध नहीं करता कि संबंधित उत्पाद मिलावटी थे। गुणवत्ता संबंधी अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा।

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