पूर्व CMO ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, वेतन जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का दावा

हापुड़। स्वास्थ्य विभाग में उस समय हलचल मच गई जब जिले के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील त्यागी ने अपने ही विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। सेवानिवृत्ति के बाद दो माह का बकाया वेतन न मिलने से परेशान डॉ. त्यागी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) और एक बाबू वेतन जारी करने के बदले उनसे रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

पूर्व सीएमओ के आरोप सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं विभागीय स्तर पर भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

फेसबुक पोस्ट के जरिए सार्वजनिक की पीड़ा

जानकारी के अनुसार, डॉ. सुनील त्यागी ने शुक्रवार को अपनी फेसबुक आईडी पर दो पोस्ट साझा कर अपनी परेशानी सार्वजनिक की। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें अप्रैल और मई माह का वेतन नहीं मिला है। कई स्तरों पर प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया।

फेसबुक पोस्ट वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ गई। एक पूर्व सीएमओ द्वारा अपने ही विभाग के अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।

31 मार्च को हुए थे सेवानिवृत्त

डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि वह 31 मार्च को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह दस्तोई रोड स्थित जिला अस्पताल में जनरल ओपीडी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. हेमलता सिंह और संबंधित बाबू की मिलीभगत से अप्रैल और मई माह का उनका वेतन रोका गया है। उनका कहना है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

“खर्चा” बताकर धनराशि लेने का आरोप

डॉ. त्यागी का दावा है कि वेतन जारी कराने के लिए उनसे विभिन्न मदों के नाम पर धनराशि मांगी गई। उनके अनुसार शुरुआत में “खर्चा” बताकर 20 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद एक चिकित्सक की विदाई समारोह (फेयरवेल पार्टी) के नाम पर 5 हजार रुपये और मांगे गए, जिन्हें उन्होंने दे दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद वेतन जारी नहीं किया गया और बाद में 75 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। उनका कहना है कि पहले दिए गए 25 हजार रुपये का उल्लेख करने पर भी कोई राहत नहीं मिली।

बकाया वेतन पर कमीशन मांगने का आरोप

पूर्व सीएमओ के अनुसार अप्रैल और मई माह का उनका कुल बकाया वेतन लगभग साढ़े सात लाख रुपये है। उनका आरोप है कि इस राशि को जारी करने के लिए करीब 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की जा रही है।

डॉ. त्यागी ने कहा कि लंबे समय तक मानसिक तनाव झेलने के बाद उन्होंने पूरी बात अपनी पत्नी को बताई। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी शिकायत सार्वजनिक करने का निर्णय लिया।

अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल

वेतन संबंधी आरोपों के अलावा डॉ. त्यागी ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है और मच्छरों की अधिकता के कारण ओपीडी में मरीजों का उपचार करना भी कठिन हो जाता है।

उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता बताई।

सीएमएस ने आरोपों पर तत्काल टिप्पणी से किया इनकार

मामले में जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हेमलता सिंह ने आरोपों पर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों को कार्यालय बुलाया गया है और आवश्यक दस्तावेजों के साथ मामले की समीक्षा की जा रही है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी स्थिति

पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला अब विभागीय और प्रशासनिक जांच की मांग तक पहुंच गया है।

हालांकि आरोपों की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय पक्ष और संभावित जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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