
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में सुविधाओं, साफ-सफाई और पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के 15 बिंदुओं और माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार के कार्यों की स्थिति की जांच की जाएगी।
स्कूलों में सुविधाओं और शिक्षकों की उपस्थिति पर जोर
शासन ने कंपोजिट ग्रांट के सही उपयोग के साथ विद्यार्थियों को समय पर जूते-मोजे, किताबें और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
बारिश के दौरान विद्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूल परिसर, शौचालय, रसोई और पेयजल व्यवस्था की सफाई के साथ बिजली उपकरणों की स्थिति और जलभराव की समस्या पर भी ध्यान दिया जाएगा।
सोशल मीडिया की शिकायतों की होगी जांच
विद्यालयों से जुड़ी शिकायतें यदि सोशल मीडिया पर सामने आती हैं तो उनकी तत्काल जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भ्रामक सूचना फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ कार्रवाई की बात भी दिशा-निर्देशों में कही गई है।
कस्तूरबा विद्यालयों में सुरक्षित माहौल पर फोकस
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण, महिला स्टाफ, गुणवत्तापूर्ण भोजन और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला चिकित्सक से स्वास्थ्य जांच तथा महिला अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण कराने पर भी जोर दिया गया है।
स्कूलों तक सड़क और जल निकासी की व्यवस्था
अन्य विभागों के सहयोग से विद्यालयों तक सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के साथ पंचायत और मनरेगा निधि से बाउंड्रीवाल तथा जल निकासी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजर रहे एचटी और एलटी विद्युत तारों को हटाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और SMC की सक्रियता
विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करने और स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) को सक्रिय रखने पर भी जोर दिया गया है। सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ पीएम पोषण योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा और निजता के साथ शिक्षकों की गरिमा का ध्यान रखने को कहा गया है। निजी विद्यालयों को भी विद्यार्थियों की सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा के साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों पर जोर
शिक्षकों, अभिभावकों, एसएमसी और विद्यार्थियों के बीच नियमित संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।