
Hapur News: हापुड़ की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रुति शर्मा ने मंगलवार को कंपोजिट विद्यालय श्यामनगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वह छात्र-छात्राओं से सीधे रूबरू हुईं और उनकी पढ़ाई, सीखने की क्षमता तथा विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसी दौरान बच्चों द्वारा पूछे गए एक मासूम सवाल—“मैम, आपके जैसा बनने के लिए क्या करना होगा?”—ने पूरे निरीक्षण को प्रेरणादायक बना दिया।

सीडीओ ने बच्चों से कहा कि यदि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें, नियमित पढ़ाई करें, अनुशासन का पालन करें और कभी हार न मानें, तो जीवन में किसी भी मुकाम तक पहुंच सकते हैं। उनके जवाब से बच्चों में उत्साह दिखाई दिया और कई विद्यार्थियों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।
कक्षाओं में पहुंचकर परखी पढ़ाई
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से पहाड़े, गिनती, सामान्य ज्ञान और पाठ्यक्रम से जुड़े प्रश्न पूछे। कई बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए, जबकि कुछ विद्यार्थियों ने कविताएं भी सुनाईं।

निरीक्षण में कुछ कक्षाओं का लर्निंग आउटकम अपेक्षित स्तर से कम मिलने पर सीडीओ ने शिक्षकों को शिक्षण गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में केवल नामांकन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है।
मिड-डे मील व्यवस्था मिली संतोषजनक
सीडीओ ने विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन योजना का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन पंजिका, उपस्थिति रजिस्टर और भोजन वितरण व्यवस्था का अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान अभिलेख व्यवस्थित पाए गए और बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाता मिला। इस पर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए व्यवस्था को इसी प्रकार बनाए रखने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्रों में कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी
विद्यालय परिसर में संचालित दो आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने बच्चों की उपस्थिति की भी समीक्षा की।
अभिलेखों के अनुसार एक केंद्र में 16 और दूसरे केंद्र में 12 बच्चों का नामांकन दर्ज था, जबकि निरीक्षण के समय दोनों केंद्रों में कुल तीन बच्चे ही उपस्थित मिले। कम उपस्थिति पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नामांकित बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें आंगनबाड़ी सेवाओं और बच्चों के नियमित आने के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए।

शिक्षा और पोषण योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
सीडीओ श्रुति शर्मा ने कहा कि जिले में शिक्षा, पोषण और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी की जाए तथा बच्चों की पढ़ाई, पोषण और उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और समय-समय पर औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
निरीक्षण के दौरान बच्चों के साथ सीडीओ का संवाद और शिक्षा के प्रति उनका प्रेरक संदेश पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।