पांच दुकानों पर कब्जे की कोशिश का आरोप, विधवा ने मारपीट और कपड़े फाड़ने की शिकायत कर मांगा न्याय

Hapur News: हापुड़ जनपद के धौलाना क्षेत्र में संपत्ति विवाद से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक विधवा महिला ने गांव के कुछ लोगों पर उसकी पांच दुकानों पर कथित रूप से कब्जा करने की कोशिश करने, मारपीट करने, कपड़े फाड़ने और धारदार हथियार से हमला करने के आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि बीच-बचाव करने पहुंची उसकी नाबालिग बेटी के साथ भी मारपीट की गई।

पीड़िता ने पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

पांच दुकानों पर ताला लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

धौलाना क्षेत्र निवासी मनोरमा के अनुसार धौलाना-नंदपुर मार्ग पर उसकी पांच दुकानें हैं, जिन्हें वह अपने परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बताती है। महिला का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने दुकानों पर कब्जा करने की नीयत से कथित रूप से ताला लगा दिया।

पीड़िता का कहना है कि जब उसे इसकी जानकारी हुई तो वह मौके पर पहुंची और इसका विरोध किया। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और दूसरे पक्ष के लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।

कपड़े फाड़ने और जमीन पर गिराकर पीटने का आरोप

महिला ने आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान उसे घेरकर पीटा गया और कथित रूप से उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। पीड़िता के मुताबिक घटना के दौरान उसने मदद के लिए शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों का ध्यान घटनास्थल की ओर गया।

इन आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच की जानी बाकी है। जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

धारदार हथियार से हमला करने का भी आरोप

मनोरमा ने अपनी शिकायत में एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला करने का आरोप भी लगाया है। महिला का दावा है कि हमले में उसे चोट आई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।

हमले की प्रकृति और चोटों की गंभीरता के संबंध में मेडिकल रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के आधार पर ही आधिकारिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मां को बचाने पहुंची नाबालिग बेटी से भी मारपीट का आरोप

पीड़िता का आरोप है कि घटना के दौरान उसकी नाबालिग बेटी मां को बचाने के लिए पहुंची तो उसके साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई। महिला ने परिवार को धमकियां मिलने का दावा करते हुए सुरक्षा की मांग भी की है।

नाबालिग से संबंधित आरोप होने के कारण मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उसकी पहचान और अन्य निजी विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।

पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी महिला ने उठाए सवाल

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मेडिकल परीक्षण के बावजूद उसकी मूल शिकायत के अनुरूप मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। महिला का यह भी दावा है कि उस पर दूसरी तहरीर देने का दबाव बनाया गया।

यह पीड़ित पक्ष का आरोप है और पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। महिला ने उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाए तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

सीओ बोले— तहरीर के आधार पर होगी नियमानुसार कार्रवाई

सीओ पिलखुवा मुनीश चंद्र के अनुसार मामला उनके संज्ञान में आने और शिकायत प्राप्त होने पर तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में दोनों पक्षों के दावों, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

संपत्ति विवाद से लेकर मारपीट के आरोपों तक होगी जांच

यह मामला मूल रूप से दुकानों और संपत्ति पर अधिकार के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन महिला द्वारा मारपीट, कपड़े फाड़ने, धारदार हथियार से हमला और नाबालिग बेटी के साथ मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के कारण प्रकरण संवेदनशील हो गया है।

अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि दुकानों पर स्वामित्व और कब्जे की वास्तविक स्थिति क्या है तथा घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।

डिस्क्लेमर: यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र या न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। किसी भी नामजद या संबंधित व्यक्ति को जांच अथवा न्यायालय के निर्णय से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले की स्थिति बदल सकती है।

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