स्वार्थ त्याग कर,जनसेवा के लिए लोग आगे आएं : श्री मणिभद्र मुनि जी महाराज
हापुड : अन्तरराष्ट्रीय मानव मिलन के संस्थापक राष्ट्रसंत जैन मुनि डाo मणिभद महाराज ने आज श्री सुमितनाथ श्वेतांबर जैन मन्दिर दादावाडी मे कहा कि मानव को जन्म के साथ ही सुख दुख मिलना प्रारम्भ हो जाते हैं जो उसके पूर्व जन्म के कर्मो का फल है हम सुख पाकर अहंकार करते है और दुख मे बेहद दुखी हो जाते है यदि हम दुख को स्वीकार न करे तो दुखी नही होगे। अच्छे विचार हमे सन्मार्ग पर ले जाते है…









