मासूम बच्चे के अपहरण मामले का पुलिस ने किया खुलासा,तीन आरोपी गिरफ्तार



● 80 हज़ार में हुआ था मासूम बच्चा के सौदा


गाजियाबाद। मासूम बच्चे के अपहरण की घटना का सफल अनावरण और अपराधियों की गिरफ्तारी वेव सिटी पुलिस ने किया खुलासा।थाना वेव सिटी पुलिस टीम को बीती 4 फरवरी को 9 माह के नवजात बच्चे के अपहरण की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी।पुलिस ने इस मामले में मुकदमा लिख कर जांच शुरू कर दी थी।पुलिस ने इस घटना का पर्दाफाश कर दिया गया है। इस मामले में एसीपी वेव सिटी लिपि नागायच ने बताया कि प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मात्र 12 के भीतर घटना का सफल अनावरण किया और नवजात बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।साथ ही बच्चे का अपहरण करने वाले बिचौलिया और बच्चे को खरीदने वाले तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।तीनों आरोपियों एक साथ फैक्ट्री में काम करते थे वही से सभी की मुलाकात और पहचान हुई थी। वही, पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के अंदर 9 महीने के मासूम हर्षित को बरामद कर लिया है।बरामद करने के बाद उसके माता-पिता को सौंप दिया है।पुलिस जांच में पता चला है कि मासूम बच्चे का पिता मनोज और उसको अपहरण करने वाला मनोज एक फैक्ट्री में काम करते थे। मनोज ने यह बच्चा महावीर को 80000 रुपए में बेचा था।मनोज और महावीर पहले बांसखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में एक ही फैक्ट्री में काम करते थे।फैक्ट्री बंद होने के बाद मनोज गाजियाबाद आ गया था और महावीर वहीं काम कर रहा था।मिली जानकारी के अनुसार महावीर के साथ ही फैक्ट्री में हरबंस काम करता था।हरबंस की उम्र 42 साल है और उसकी शादी को 20 साल हो चुके हैं।घर में शादी के 20 साल होने के बावजूद कोई बच्चा ना होने के चलते हरबंस को एक बच्चे की तलाश थी।महावीर ने हरबंस से बच्चे का सौदा डेढ़ लाख रुपए में किया था।जिसमें से वह 80000 रुपए मनोज को देता और 70000 रुपए वह खुद रखता।पुलिस ने अपहरण करने वाले मनोज, मिडलमैन महावीर और बच्चे को खरीदने वाले हरबंस तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।साथ ही 9 महीने के बच्चे मासूम हर्षित को उसके माता-पिता को सौंप दिया है।