मेरठ में नशीली दवाओं के नेटवर्क का खुलासा, मास्टरमाइंड ओमकार के ठिकाने से प्रतिबंधित दवाएं बरामद

मेरठ। मेजर ध्यानचंद नगर इलाके में ड्रग्स विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीली दवाओं के कथित नेटवर्क का खुलासा किया है। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने मास्टरमाइंड बताए जा रहे ओमकार के ठिकाने पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक रिहायशी मकान से भारी मात्रा में प्रतिबंधित व संदिग्ध नशीली दवाएं बरामद की गईं।

पुलिस और ड्रग्स विभाग के अनुसार, बाहर से सामान्य रिहायशी मकान नजर आने वाले इस ठिकाने से कथित तौर पर नशीली दवाओं और सिंथेटिक ड्रग्स की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। छापेमारी के दौरान टीम को नशीले इंजेक्शन, संदिग्ध सिंथेटिक ड्रग्स, फर्जी रैपर और अन्य संदिग्ध पैकिंग सामग्री मिली है।

ओमकार समेत कई संदिग्ध हिरासत में

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मुख्य सरगना ओमकार समेत कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस और ड्रग्स विभाग की टीमें उनसे पूछताछ कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद नशीली दवाओं का स्रोत क्या था और इन्हें किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जा रहा था।

अधिकारियों को आशंका है कि नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों और बड़े तस्कर गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस की साइबर और स्पेशल टीमें कथित मनी ट्रेल और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

फर्जी पैकिंग सामग्री भी मिली

ड्रग इंस्पेक्टर पीयूष कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और ड्रग्स विभाग की संयुक्त टीम ने मेजर ध्यानचंद नगर स्थित ठिकाने पर दबिश दी थी। मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध व प्रतिबंधित दवाएं, नशीले इंजेक्शन और फर्जी पैकिंग सामग्री जब्त की गई है।

प्रारंभिक जांच में दवाओं के निर्माण और कारोबार की आड़ में कथित तौर पर अवैध नेटवर्क संचालित किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, बरामद सामग्री की वास्तविक प्रकृति की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे

जब्त की गई सामग्री के सैंपल लेकर फोरेंसिक जांच प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि बरामद पदार्थों में कौन-कौन से प्रतिबंधित या नशीले तत्व मौजूद हैं।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि गिरोह से जुड़े लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बरामद सामग्री की विस्तृत सूची तैयार की जा रही है और जांच जारी है।