दिल्ली में कांग्रेस की महारैली के लिए हापुड़ कांग्रेस ने झोंकी ताकत, 3 से 4 हजार कार्यकर्ता ले जाने का लक्ष्य

हापुड़। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस की महारैली को सफल बनाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने पूरी ताकत झोंक दी है। महारैली में जिले से तीन से चार हजार कार्यकर्ताओं और समर्थकों को ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर आयोजित बैठक में जिला कोऑर्डिनेटर नरेंद्र भारद्वाज ने जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ तैयारियों पर चर्चा की और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई।

बैठक की शुरुआत देश के पूर्व गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद दिल्ली में होने वाली महारैली को लेकर संगठन की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला कोऑर्डिनेटर नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से वह लगातार जिले का दौरा कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से भी दिल्ली पहुंचने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर होने वाली यह महारैली लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग अपनी मनमर्जी से काम कर रहा है और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के चलते पात्र मतदाताओं के मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का वोट उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इस अधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस जनता के बीच जाकर आवाज उठा रही है। नरेंद्र भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश और देश में महंगाई, बेरोजगारी तथा किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। किसान खाद, बीज और सिंचाई के लिए परेशान हैं, वहीं युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां आम जनता के बजाय चुनिंदा उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी, किसान, युवा, शिक्षक और अधिवक्ता वर्ग में सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी है। कांग्रेस नेताओं ने 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठबंधन के प्रदर्शन ने भाजपा के दावों को चुनौती दी है। उन्होंने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में गठबंधन की सरकार बनने का दावा किया। बैठक में कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और वार्ड स्तर तक संपर्क अभियान चलाकर महारैली में अधिक से अधिक लोगों को शामिल कराने की अपील की गई।