
Hapur News: हापुड़ जनपद के पिलखुवा में वर्ष 2001 के चर्चित तिहरे हत्याकांड और उससे जुड़े एक अन्य हत्या प्रकरण की जांच को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया है। सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने उस समय के विवेचक रहे सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। सरकार की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुई कार्रवाई
सरकारी अभिलेखों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने संबंधित सेवानिवृत्त अधिकारी के विरुद्ध सिविल सेवा विनियमावली के प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सीबीआई की संस्तुति का उल्लेख
शासन की ओर से जारी दस्तावेजों के अनुसार, यह कार्रवाई संबंधित प्रकरणों की जांच के दौरान सीबीआई द्वारा इंगित तथ्यों और की गई संस्तुतियों के आधार पर प्रारंभ की गई है। मामले की जांच पहले विशेष जांच दल (SIT) और बाद में सीबीआई द्वारा की गई थी।
कारण बताओ नोटिस जारी
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी और अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं प्राप्त उत्तर के आधार पर लिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
24 जुलाई 2001 को पिलखुवा में व्यापारी राजेंद्र प्रसाद गर्ग के परिवार से जुड़ी एक तिहरी हत्या की घटना सामने आई थी, जिसने उस समय पूरे प्रदेश का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद वर्ष 2002 में इस प्रकरण के एक आरोपी की हत्या का मामला भी सामने आया। बाद में इन मामलों की जांच विभिन्न स्तरों पर हुई और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर एसआईटी तथा उसके बाद सीबीआई ने भी जांच की।
प्रक्रिया पर रहेगी नजर
फिलहाल यह मामला विभागीय कार्रवाई के चरण में है। संबंधित अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। मामले में अंतिम निर्णय विभागीय जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
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