हापुड़ में ‘बदबू का रास्ता’ बना रामपुर रोड! खुले में पड़े पशु अवशेषों से उठे सवाल, स्रोत की जांच की मांग

PU

Hapur News: हापुड़ के रामपुर रोड पर खुले स्थानों, झाड़ियों और आसपास के कुछ खंडहरनुमा परिसरों में कथित रूप से बड़ी मात्रा में पशु अवशेष पड़े होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन अवशेषों से उठने वाली दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अवशेष आखिर कहां से आ रहे हैं और उनका निस्तारण खुले में क्यों किया जा रहा है, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

मामले में स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों से पूरे क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर पशु अवशेषों के स्रोत का पता लगाने और नियमानुसार निस्तारण कराने की मांग की है। कुछ लोगों ने इसके पीछे अनधिकृत गतिविधियों की आशंका भी जताई है, हालांकि अवैध पशु कटान से इन अवशेषों का संबंध होने की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

रामपुर रोड पर दुर्गंध से राहगीर परेशान

स्थानीय लोगों के मुताबिक रामपुर रोड के आसपास कुछ स्थानों पर पशुओं की खाल, हड्डियों और अन्य प्रकार के अवशेष खुले में पड़े या सुखाए जाते दिखाई देते हैं। लोगों का दावा है कि गर्मी और बरसात के दौरान इनसे उठने वाली दुर्गंध और अधिक परेशानी पैदा करती है।

आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि हवा चलने पर दुर्गंध रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंचती है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

सबसे बड़ा सवाल— आखिर कहां से आ रहे पशु अवशेष?

मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल खुले में दिखाई दे रहे पशु अवशेषों के स्रोत को लेकर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अधिकृत इकाइयों में निकलने वाले अपशिष्ट का नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है तो खुले स्थानों पर दिखाई देने वाले अवशेष कहां से आ रहे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।

कुछ स्थानीय लोगों ने इसके पीछे अनधिकृत पशु कटान अथवा अवैध तरीके से अपशिष्ट निस्तारण की आशंका व्यक्त की है। इन आशंकाओं की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में किसी व्यक्ति, प्रतिष्ठान या इकाई को इसके लिए जिम्मेदार ठहराने से पहले प्रशासनिक जांच जरूरी है।

स्लाटर हाउस संचालक ने आरोपों से किया इनकार

रेबन स्लाटर हाउस के संचालक हाजी नौशाद ने अपनी इकाई से पशु अवशेष खुले में भेजे या फेंके जाने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि इकाई से निकलने वाले अपशिष्ट का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण किया जाता है।

उन्होंने खुले स्थानों पर पशु अवशेष सुखाए जाने या फेंके जाने के मामले की संबंधित विभाग से जांच और कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच में मानकों को लेकर सवाल

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विपुल कुमार के अनुसार विभागीय टीम द्वारा संबंधित औद्योगिक इकाई का निरीक्षण किया गया है। उनके मुताबिक निरीक्षण के दौरान प्रदूषण संबंधी मानकों को लेकर कमियां सामने आने पर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है।

नोटिस पर मिलने वाले जवाब और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्रदूषण संबंधी निरीक्षण और रामपुर रोड पर खुले में मिले कथित पशु अवशेषों के स्रोत का मामला अलग-अलग जांच के विषय हैं। बिना जांच के दोनों को सीधे एक-दूसरे से जोड़ना उचित नहीं होगा।

खुले में जैविक अपशिष्ट से पर्यावरण और स्वच्छता पर चिंता

पशु अवशेष अथवा अन्य जैविक अपशिष्ट का अनुचित तरीके से निस्तारण होने पर दुर्गंध, मक्खी-मच्छरों और आवारा पशुओं की समस्या बढ़ सकती है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा आसपास की स्वच्छता प्रभावित होने की आशंका रहती है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग तत्काल क्षेत्र का निरीक्षण करें और यदि खुले में पशु अवशेष पाए जाते हैं तो उनका सुरक्षित एवं नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए।

संयुक्त जांच से सामने आ सकता है अवशेषों का स्रोत

क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निकाय, पशुपालन विभाग और पुलिस से संयुक्त रूप से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यह पता लगाया जाना चाहिए कि अवशेष किसके हैं, कहां से लाए जा रहे हैं और खुले में उनके निस्तारण के लिए कौन जिम्मेदार है।

यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा पर्यावरण, स्वच्छता अथवा अन्य लागू नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल खुले में कथित पशु अवशेष मिलने और उनके स्रोत को लेकर कई सवाल हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि ये अवशेष कहां से आ रहे हैं और क्या इनके निस्तारण में किसी नियम का उल्लंघन हुआ है।

नोट: समाचार स्थानीय स्तर पर सामने आई शिकायतों, संबंधित पक्षों के कथनों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। खुले में मिले कथित पशु अवशेषों को किसी विशेष स्लाटर हाउस या अवैध पशु कटान से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित इकाई ने अपने यहां से अवशेष खुले में भेजने के आरोप से इनकार किया है। अंतिम निष्कर्ष सक्षम विभागों की जांच के बाद ही निकाला जाना उचित होगा।

Please follow and like us: