ED-CBI के नाम पर धमकाने का आरोप: लगातार कॉल-व्हाट्सएप मैसेज से महिला की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती; परिवार ने SP से मांगी सुरक्षा

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Hapur News: हापुड़ देहात थाना क्षेत्र की नवज्योति कॉलोनी निवासी एक परिवार ने एक महिला पर ED, CBI और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों के नाम का कथित तौर पर भय दिखाने, झूठे मामलों में फंसाने और छापेमारी कराने की धमकी देने का आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि लगातार फोन कॉल, व्हाट्सएप मैसेज और वॉइस नोट मिलने से परिवार की एक महिला सदस्य मानसिक दबाव में आ गईं और तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित कॉल और मैसेज की जांच तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

न्यायालय में मामला विचाराधीन होने का दावा

नवज्योति कॉलोनी निवासी संदीप गोयल ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि एक संबंधित परिवाद पहले से न्यायालय में विचाराधीन है। उनका आरोप है कि इसके बावजूद किरन नाम की महिला कथित रूप से उनके परिवार से संपर्क कर दबाव बना रही है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि बार-बार संपर्क किए जाने और कथित चेतावनियों के कारण परिवार मानसिक तनाव का सामना कर रहा है।

फोन कॉल, व्हाट्सएप मैसेज और वॉइस नोट भेजने का आरोप

शिकायत के मुताबिक 25 जून को संदीप गोयल की पत्नी कामिनी गोयल के मोबाइल पर कथित तौर पर कई फोन कॉल किए गए। इसके अलावा व्हाट्सएप पर मैसेज और वॉइस नोट भेजे जाने का भी दावा किया गया है।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इन संदेशों में परिवार से संबंधित दस्तावेज और जानकारियां होने का दावा करते हुए ED, CBI समेत केंद्रीय एजेंसियों से कार्रवाई और छापेमारी कराने जैसी बातें कही गईं।

परिवार ने पुलिस से मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और उपलब्ध वॉइस मैसेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सके।

परिवार का दावा— तनाव के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत

शिकायतकर्ता के अनुसार कथित कॉल और संदेशों के बाद कामिनी गोयल अत्यधिक तनाव में आ गईं और उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज कराया गया।

परिवार ने महिला की तबीयत बिगड़ने को कथित धमकियों से उत्पन्न मानसिक दबाव से जोड़ा है। हालांकि इस संबंध की चिकित्सकीय पुष्टि और अन्य परिस्थितियां जांच का विषय हैं।

‘कोई व्यक्तिगत लेन-देन नहीं’ का दावा

संदीप गोयल का कहना है कि संबंधित महिला से उनका कोई व्यक्तिगत आर्थिक लेन-देन नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद उनके परिवार को कथित रूप से कानूनी कार्रवाई और जांच एजेंसियों का भय दिखाकर परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने पुलिस से उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

परिवार ने मांगी सुरक्षा, निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि लगातार कथित दबाव के कारण परिवार के सदस्यों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। परिवार ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह के अनुसार शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मामले में कथित कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप संदेश, वॉइस नोट और दोनों पक्षों के बयान जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

नोट: समाचार शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र और उपलब्ध पक्ष पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं और इन्हें सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आने तथा पुलिस जांच पूरी होने पर तथ्य और स्पष्ट हो सकेंगे।

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