मेरठ। त्योहारी सीजन से पहले मेरठ में पटाखों के अवैध भंडारण के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चार थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने पटाखा कारोबारी गौरव मोहन से जुड़े कई गोदामों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में तैयार पटाखों के साथ पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली संदिग्ध रासायनिक सामग्री बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 1.10 करोड़ रुपये है।
बुधवार को थाना परतापुर, ब्रह्मपुरी, रेलवे रोड और देहलीगेट पुलिस की संयुक्त टीम ने गौरव मोहन से संबंधित गोदामों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान रेलवे रोड क्षेत्र स्थित गोदामों में बड़ी मात्रा में संदिग्ध रासायनिक पदार्थ और पटाखा निर्माण से जुड़ी सामग्री मिली। गोदामों में तैयार पटाखों के अलावा स्काई शॉट और अलग-अलग आकार की नलियां भी बरामद की गईं।
रेलवे रोड के गोदाम से कई टन संदिग्ध पदार्थ बरामद
पुलिस के मुताबिक रेलवे रोड क्षेत्र से करीब 750 किलो नीले रंग का पाउडर, 560 किलो काला पाउडर, 1,056 किलो सफेद रंग का संदिग्ध पदार्थ और 1,500 किलो सफेद रंग का खुरदुरा पदार्थ बरामद हुआ। इसके अलावा करीब 285 किलो चमकीला बारीक बुरादानुमा पदार्थ समेत अन्य सामग्री भी मिली।
तलाशी के दौरान पुलिस को तैयार स्काई शॉट और सीता-गीता मार्का पटाखे भी मिले। बड़ी मात्रा में सामग्री एक ही स्थान पर रखे होने के कारण पुलिस ने पूरे भंडारण की जांच शुरू कर दी है।
देहलीगेट के गोदाम में भी मिली सामग्री
देहलीगेट क्षेत्र स्थित एक अन्य गोदाम से भी कई तरह की सामग्री बरामद की गई। इसमें मैग्नीशियम पाउडर, टाइटेनियम पाउडर, बेरियम कार्बोनेट, एल्युमिनियम पाउडर, एल्युमिनियम फ्लैक, चारकोल, यूरिया और फ्यूज वायर समेत अन्य सामान शामिल है।
पुलिस के अनुसार बरामद कुछ पदार्थों का इस्तेमाल पटाखा निर्माण में किया जा सकता है। हालांकि, बरामद सामग्री की वास्तविक रासायनिक प्रकृति और उसकी संरचना की पुष्टि फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बिना लाइसेंस भंडारण की भी जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में गोदामों में इतनी बड़ी मात्रा में पटाखा निर्माण सामग्री के भंडारण के संबंध में वैध लाइसेंस अथवा प्राधिकार नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस अब संबंधित दस्तावेजों और लाइसेंस की जांच कर रही है।
जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि बरामद रासायनिक सामग्री और पटाखे कहां से खरीदे गए थे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सामग्री को किस उद्देश्य से गोदामों में रखा गया था और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था।
सप्लाई नेटवर्क की भी पड़ताल
बड़ी मात्रा में संदिग्ध रासायनिक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस की जांच अब संभावित सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है। अधिकारी यह जानकारी जुटा रहे हैं कि सामग्री गोदामों तक किस माध्यम से पहुंची और इसके कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। साथ ही गोदामों में पटाखों और निर्माण सामग्री के भंडारण से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि बरामद पदार्थों की वास्तविक प्रकृति फोरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट होगी। इसके साथ ही लाइसेंस और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिनियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारी सीजन से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस का फोकस अब पटाखों के भंडारण के साथ-साथ उन रासायनिक पदार्थों की खरीद और सप्लाई चेन पर है, जिनका इस्तेमाल पटाखा निर्माण में किए जाने की आशंका है।
