
मेरठ। – महोत्सव के दौरान नवाचार और ज्ञान-साझाकरण के एक जीवंत मंच के रूप में एमआईईटी इनक्यूबेशन फोरम अपनी पहचान बना रहा है। इस महोत्सव में एमआईईटी इनक्यूबेशन फोरम द्वारा आयोजित विभिन कार्यशाला आकर्षण का केंद्र बानी हुई है। उद्योग विशेषज्ञों के नेतृत्व में प्रतिदिन आयोजित होने वाली इन कार्यशालाओं में छात्रों, पेशेवरों और तकनीकी उत्साही लोगों को प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में अद्यतन जानकारी प्रदान की जा रही है। इन कार्यशालाओं में ऐमेज़ॉन वेब सर्विसेज़, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर, और एच.पी. इंडिया जैसी शीर्ष संस्थाओं के वक्ता शामिल हो रहे हैं, जिनके अनुभव और विशेषज्ञता से भागीदारों को गहरी अंतर्दृष्टि मिल रही है। प्रत्येक दिन तीन प्रभावशाली सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनमें तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होती है। वक्ताओं के विचार और मार्गदर्शन न केवल तकनीकी कौशल को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि प्रतिभागियों में नवाचारी सोच को भी प्रेरित कर रहे हैं। छात्रों और युवा उद्यमियों की भागीदारी कार्यशालाओं में काफी उत्साहजनक है। वे विशेषज्ञों से संवाद कर भविष्य के करियर को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। एमआईईटी इनक्यूबेशन फोरम का यह प्रयास शैक्षणिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इनक्यूबेशन फोरम सीईओ रेहान अहमद ने कहा को मेरठ के ऐतिहासिक धरती पर पहली बार हुए मेरठ महोत्सव में बच्चों ने विभिन्न मनोरंजन कार्यक्रमों के साथ-साथ उद्यमी बनने की भी प्रेरणा ली। हम छात्रों के आइडिया को धरातल पर उतरकर उन्हें उद्यमी बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पहल न केवल मेरठ, बल्कि आसपास के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र में भी योगदान दे रही है। सहकार्य और ज्ञानवर्धन के इस माहौल को बढ़ावा देकर, यह फोरम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मेरठ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। मेरठ महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इन कार्यशालाओं ने क्षेत्र में ज्ञान-साझाकरण और नवाचार की मिसाल कायम की है। इस अवसर पर चेयरमैन विष्णु शरण, वाइस चेयरमैन पुनीत अग्रवाल, निदेशक डॉ एसके सिंह, डीन एकेडमिक डॉ संजीव सिंह, डीएसडब्ल्यू हनी तोमर, मीडिया हेड अजय चौधरी ने शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रेहान अहमद,नेहा मित्तल, प्रशांत गुप्ता, रोहित अग्रवाल, मोहीनी, प्रीतम सिंह, विशी, मुकेश रावत आदि का विशेष योगदान रहा।