
औसत 70.41 अंक रहा, 89 प्रतिशत से अधिक छात्र सफल; कमजोर प्रदर्शन वाले छात्रों के लिए शुरू होंगे रिमेडियल AI मॉड्यूल
Hapur News :- योगी सरकार की ओर से प्रदेश के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यमिक और एडेड स्कूलों में संचालित चार घंटे के ‘AI फॉर ऑल’ कोर्स की राज्य स्तरीय मूल्यांकन परीक्षा में करीब 50 हजार छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। परीक्षार्थियों का औसत स्कोर 70.41 अंक रहा।
89 प्रतिशत से अधिक छात्र हुए सफल
मूल्यांकन परीक्षा में 89 प्रतिशत से अधिक छात्र सफल रहे। परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों को तीन श्रेणियों में रखा गया है। 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 12,500 से ज्यादा छात्र उत्कृष्ट श्रेणी में रहे। वहीं 50 से 80 अंक प्राप्त करने वाले 28 हजार से अधिक विद्यार्थी सक्षम श्रेणी में शामिल हुए।
50 से कम अंक प्राप्त करने वाले 4,819 छात्रों को विशेष ध्यान योग्य श्रेणी में रखा गया है। इन छात्रों के लिए सुधारात्मक कक्षाएं और विशेष प्रशिक्षण संचालित करने की तैयारी है।
पश्चिमी यूपी के छात्रों ने किया बेहतर प्रदर्शन
क्षेत्रवार प्रदर्शन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18,395 छात्रों ने 74.3 के औसत स्कोर के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र में 37.8 प्रतिशत छात्र उत्कृष्ट श्रेणी में रहे।
बुंदेलखंड ने भी प्रदर्शन के मामले में बेहतर परिणाम दिया। यहां छात्रों का औसत स्कोर 74.2 रहा और 50 से कम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों का प्रतिशत 4.9 रहा। मध्य यूपी का औसत स्कोर 69.7 रहा, जबकि पूर्वांचल के 21 जिलों के 14,387 छात्रों का औसत स्कोर 64.7 रहा।
कमजोर छात्रों के लिए चलेंगे विशेष मॉड्यूल
मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, 50 से कम अंक पाने वाले छात्रों के लिए रिमेडियल AI मॉड्यूल शुरू किए जाएंगे। विशेष रूप से कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विद्यार्थियों को अतिरिक्त प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता में सुधार किया जाएगा।
वहीं 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 12,500 से अधिक मेधावी छात्रों को एडवांस्ड AI, एडवांस्ड कोडिंग और रोबोटिक्स के क्षेत्र में विशेष मार्गदर्शन देने की योजना है।
पांच दिन में पूरी हुई मूल्यांकन प्रक्रिया
मिशन निदेशक ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पांच दिनों में पूरी की गई। 8 जुलाई को गोपनीय तरीके से प्रश्नपत्र जिलों को भेजे गए। 9 जुलाई को मुख्य परीक्षा और 10 जुलाई को अनुपस्थित छात्रों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद 13 जुलाई तक 73 जिलों में मूल्यांकन पूरा कर परिणाम मिशन मुख्यालय भेजे गए। परिणामों का सत्यापन 8 अगस्त को किया गया।
‘स्किल्ड यूपी-समर्थ यूपी’ की दिशा में कदम
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत AI प्रशिक्षण का उद्देश्य गांव और शहर के बीच डिजिटल अंतर को कम करना और विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्रों को उन्नत तकनीकों में आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएंगे, जबकि कमजोर छात्रों को विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से मुख्यधारा में लाने का प्रयास होगा।
कक्षा 9 से 12 तक चल रहा 210 घंटे का कौशल कार्यक्रम
‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 210 घंटे का निशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें IT, ब्यूटी, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों से जुड़े कौशल सिखाए जाते हैं। इसके अलावा चार घंटे का ‘AI फॉर ऑल’ कोर्स भी अलग से संचालित किया जा रहा है।