हापुड़ में सड़क हादसों पर प्रशासन सख्त, ओवरस्पीड कैमरे लगेंगे; पुराने वाहनों पर होगी कार्रवाई

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हापुड़। जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने का निर्णय लिया है। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हाईवे पर यातायात व्यवस्था, तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण, स्कूली वाहनों की फिटनेस, पुराने डीजल वाहनों के संचालन, अपंजीकृत ई-रिक्शाओं और दुर्घटना के बाद एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं बरतने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सड़क हादसों को रोकने के लिए हाईवे और दुर्घटना संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। तेज रफ्तार को हादसों की प्रमुख वजह मानते हुए जल्द ही ओवरस्पीड कैमरे लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। कैमरों के माध्यम से तेज गति से वाहन चलाने वालों पर नजर रखी जाएगी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गोल्डन आवर में एंबुलेंस की देरी पर सख्ती

बैठक में दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को भी प्राथमिकता दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने एनएचएआई की ओर से उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम में सुधार के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस जल्द से जल्द मौके पर पहुंचे, ताकि घायल को गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुंचाया जा सके।

इसके लिए एंबुलेंस की वास्तविक कार्यप्रणाली और रिस्पांस टाइम की औचक जांच करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आपात स्थिति में हाईवे पर तैनात एंबुलेंस तत्काल उपलब्ध हो और दुर्घटना में घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने में अनावश्यक देरी न हो।

बिना फिटनेस स्कूल वाहन मिले तो होगी कार्रवाई

बैठक में स्कूली वाहनों की फिटनेस और बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। अधिकारियों ने संबंधित शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में संचालित सभी वाहनों के आवश्यक दस्तावेज और फिटनेस प्रमाणपत्र वैध होने चाहिए। बिना फिटनेस के कोई भी स्कूली वाहन संचालित नहीं होना चाहिए।

इसके साथ ही स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के चालक एवं परिचालकों का चरित्र सत्यापन कराने और उसकी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

पुराने डीजल वाहनों पर बढ़ेगी निगरानी

एनसीआर क्षेत्र में निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके वाहनों के संचालन को लेकर भी बैठक में सख्ती दिखाई गई। चीनी मिलों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके एंड ऑफ लाइफ वाहनों से गन्ने का परिवहन न कराया जाए।

चीनी मिलों को ऐसे वाहनों को एनसीआर से बाहर कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाने या अधिकृत तरीके से स्क्रैप कराने के निर्देश दिए गए। आगामी गन्ना पेराई सत्र में परिवहन के लिए जिन वाहनों को संबद्ध किया जाएगा, उनकी सूची परिवहन विभाग को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया।

प्रशासन ने वाहन स्वामियों से भी अपील की कि निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुके व्यावसायिक या निजी वाहनों को अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर स्क्रैप कराकर संबंधित परिवर्तन योजना का लाभ उठाएं।

अपंजीकृत ई-रिक्शाओं पर होगी कार्रवाई

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित अपंजीकृत ई-रिक्शाओं को लेकर भी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। समिति ने माना कि बिना पंजीकरण और निर्धारित मानकों के चलने वाले ई-रिक्शा सड़क सुरक्षा के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।

अधिकारियों को ऐसे वाहनों की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सड़क पर अनधिकृत वाहनों के संचालन पर अंकुश लगाने की तैयारी है।

हाईवे पर बसों के अनधिकृत ठहराव पर रोक

एनएच-9 के बुलंदशहर रोड पर रोडवेज बसों द्वारा हाईवे पर यात्रियों को उतारने और चढ़ाने के मामले को भी बैठक में गंभीरता से लिया गया। एआरएम को निर्देश दिए गए कि रोडवेज बसों को हाईवे पर अनधिकृत स्थानों पर न रोका जाए।

बसों को निर्धारित स्टॉप पर ही रोकने और वहीं यात्रियों को चढ़ाने-उतारने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के अनुसार हाईवे पर अचानक बसों के रुकने से पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

बुलंदशहर कट और छिजारसी टोल पर भी नजर

एनएच-9 पर बुलंदशहर कट के पास बने डिवाइडर को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। संबंधित विभाग को मौके की समस्या का समाधान करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

वहीं छिजारसी टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को लेकर भी अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने को कहा गया। आगामी सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जाम की समस्या के समाधान के लिए की गई कार्रवाई और उसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

ओवरस्पीड कैमरों से होगी निगरानी

सड़क हादसों में तेज रफ्तार की भूमिका को देखते हुए प्रशासन ने ओवरस्पीड कैमरे जल्द स्थापित कराने पर जोर दिया है। कैमरों के जरिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और हाईवे पर वाहनों की गति पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

प्रशासन का उद्देश्य तेज गति से वाहन चलाने वाले चालकों और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके और हाईवे पर यातायात व्यवस्था सुरक्षित बनाई जा सके।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन रमेश कुमार चौबे, यात्री/मालकर अधिकारी प्रीति पाण्डेय, एआरएम लक्ष्मण सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, बेसिक शिक्षा विभाग से पंकज चतुर्वेदी, एनपीपी हापुड़ के जेई वैभव सिंह मौर्य, एई विपिन प्रताप सिंह, आईआरएडी से निशांत राजपूत, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, यातायात पुलिस, एनएचएआई गाजियाबाद और मुरादाबाद के अधिकारी, एचपीडीए तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।