पैतृक जमीन के बंटवारे पर रिश्तों में दरार, पिता-पुत्र पर हमला; पांच नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Hapur News: हापुड़ जनपद के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के आर्यनगर में पैतृक जमीन के बंटवारे और हिस्से के बैनामे को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप है कि जमीन में हिस्सेदारी को लेकर हुई कहासुनी के दौरान पांच लोगों ने पिता-पुत्र के साथ लाठी-डंडों, ईंट और लात-घूंसों से मारपीट की। घटना में दोनों घायल हो गए। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दोनों पक्षों के आपस में रिश्तेदार बताए जाने के कारण मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

पैतृक जमीन के हिस्से और बैनामे को लेकर चल रहा था विवाद

जानकारी के अनुसार आर्यनगर निवासी बाबूराम का अपने परिजनों के साथ पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक 15 जुलाई की शाम जमीन में हिस्सेदारी और बैनामे से संबंधित मामले को लेकर बातचीत के दौरान विवाद हो गया।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी दौरान अनिल, सुनील, रामकुमार, सुमित और गोविंदा के साथ कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि विवाद के दौरान गाली-गलौज हुई और इसके बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया।

लाठी छीनकर हमला करने का आरोप, बचाने पहुंचे बेटे से भी मारपीट

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान बाबूराम के हाथ में मौजूद लाठी छीनकर उनके साथ मारपीट की गई। शोर सुनकर उनका बेटा तुषार मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव का प्रयास किया।

आरोप है कि हमलावरों ने तुषार के साथ भी मारपीट की और लाठी-डंडों, ईंट तथा लात-घूंसों से हमला किया। घटना में पिता-पुत्र को चोटें आईं। इसके बाद दोनों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।

स्थानीय लोगों ने किया बीच-बचाव

मारपीट और शोर-शराबे के दौरान आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए। बताया गया कि स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग कराया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से संपर्क कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस अब घटना से जुड़े तथ्यों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

पहले समझौते की बात, बाद में धमकी देने का आरोप

पीड़ित बाबूराम का आरोप है कि घटना के बाद दूसरे पक्ष की ओर से पहले समझौते और विवाद समाप्त करने की बात कही गई थी। इसी कारण तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।

बाद में कथित रूप से धमकियां मिलने के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत की। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

सीओ पिलखुवा मुनीश चंद्र के अनुसार पीड़ित की तहरीर के आधार पर अनिल, सुनील, रामकुमार, सुमित और गोविंदा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

डिस्क्लेमर: समाचार पुलिस को दी गई शिकायत और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। नामजद व्यक्तियों पर लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं। आरोप सिद्ध होने या किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा किया जाता है।

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