
Hapur News: हापुड़ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में डग्गामार बसों के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। हाल ही में एनएच-9 पर बस संचालकों के बीच हुए विवाद और हिंसक घटना के बाद अवैध बस संचालन, प्रवर्तन व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। घटना के बाद संबंधित तंत्र की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठ रही है।
वर्चस्व को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, सवारी बैठाने को लेकर दो बस संचालक समूहों के बीच विवाद हुआ, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अवैध बस संचालन को लेकर उठे सवाल
परिवहन क्षेत्र से जुड़े कुछ लोगों का दावा है कि बिना वैध परमिट संचालित होने वाली बसों के कारण वैध परमिटधारी संचालकों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में प्रभावी प्रवर्तन और नियमित जांच की आवश्यकता है।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विभागों ने किसी भी प्रकार के संरक्षण या अनियमितता के आरोपों की पुष्टि नहीं की है।
कार्रवाई की उठी मांग
घटना के बाद विभिन्न पक्षों ने अवैध बस संचालन पर प्रभावी कार्रवाई, नियमित जांच और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इससे यात्रियों की सुरक्षा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित की जा सकेगी।
एआरटीओ ने क्या कहा
एआरटीओ (प्रवर्तन) रमेश कुमार चौबे ने कहा कि विभिन्न राज्यों और जिलों से आने वाली कुछ बसों के विरुद्ध समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि या अनियमितता की सूचना मिलती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।