
Hapur News: हापुड़ के नगर कोतवाली क्षेत्र में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज की मांग, मारपीट, मानसिक उत्पीड़न तथा कथित रूप से ‘तीन तलाक’ कहकर घर से निकालने का आरोप लगाया है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसे घर से निकालते समय उसकी करीब एक वर्ष की बेटी को अपने साथ ले जाने नहीं दिया गया।
पीड़िता की तहरीर के आधार पर नगर कोतवाली पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, गाली-गलौज, मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम से संबंधित प्रावधानों तथा अन्य लागू धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निकाह के बाद अतिरिक्त दहेज मांगने का आरोप
नगर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, सिकंदर गेट स्थित मोती कॉलोनी निवासी रानी ने बताया कि उनका निकाह 20 सितंबर 2024 को मेरठ के थाना नौचंदी क्षेत्र निवासी जुनैद के साथ हुआ था।
शिकायत में कहा गया है कि विवाह के समय परिवार ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दहेज और अन्य घरेलू सामान दिया था। इसके बावजूद विवाह के कुछ समय बाद पति और ससुराल पक्ष द्वारा कथित रूप से एक बाइक और ₹2 लाख नकद की अतिरिक्त मांग की जाने लगी।
पीड़िता का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा मायके से रुपये लाने का दबाव बनाया गया।
मारपीट और ‘तीन तलाक’ कहने का आरोप
एफआईआर के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को पति और अन्य ससुराल पक्ष के सदस्यों ने कथित रूप से विवाहिता के साथ मारपीट की।
पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान पति ने तीन बार तलाक कहकर वैवाहिक संबंध समाप्त करने की बात कही और उसे घर से बाहर निकाल दिया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ससुराल पक्ष ने उसकी करीब एक वर्षीय बेटी को अपने पास रख लिया और उसे मां के साथ जाने नहीं दिया।
सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर पति जुनैद, ससुर हबीब, देवर दानिश, नंदोई ताहिर तथा ननद तब्बुसुम, हीना और गुलिस्ता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों तथा दोनों पक्षों के बयान के आधार पर जांच कर रही है।
पुलिस बोली— जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह समाचार पुलिस में दर्ज एफआईआर और शिकायतकर्ता के आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने तथा न्यायिक प्रक्रिया से पहले किसी भी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता।