गौरव हत्याकांड पर गरमाई सियासत, गांव पहुंची सपा; निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग

अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचे सपा नेताओं ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल

हापुड़। बाबूगढ़ क्षेत्र के मोहम्मदपुर आजमपुर गांव में गौरव त्यागी हत्याकांड को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। गुरुवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मृतक के घर पहुंचा और परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल ने हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कराने, सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

अखिलेश यादव के निर्देश पर गांव पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में विधायक शाहिद मंजूर, विधायक कमाल अख्तर, विधायक अतुल प्रधान, राष्ट्रीय सचिव भूषण त्यागी, मनीषा त्यागी और जिलाध्यक्ष समेत कई सपा नेता शामिल रहे। नेताओं ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले को लेकर पार्टी उनके साथ खड़ी है।

सुरक्षा की मांग के बावजूद कार्रवाई पर उठाए सवाल

विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि गौरव त्यागी अपने परिवार का इकलौता सहारा था। उसकी हत्या से परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच बिना किसी दबाव के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।

सपा नेताओं ने गौरव की ओर से पहले सुरक्षा को लेकर जताई गई चिंता और शस्त्र लाइसेंस के आवेदन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि गौरव ने सुरक्षा की मांग की थी तो उसकी शिकायत और शस्त्र लाइसेंस संबंधी आवेदन पर समय रहते क्या कार्रवाई की गई। प्रतिनिधिमंडल ने इस पहलू की भी जांच कराने की मांग की।

सपा नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल की ओर से यह भी कहा गया कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने का प्रयास किया जाएगा।

जमीन विवाद की पैरवी कर रहा था गौरव

गौरव त्यागी की हत्या 18 अगस्त को देहात थाना क्षेत्र में ददायरा चौराहे से धनौरा जाने वाले मार्ग पर हुई थी। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर आजमपुर निवासी फतेह सिंह का इकलौता बेटा गौरव वर्ष 2021 के जमीन विवाद से जुड़े मुकदमे की पैरवी कर रहा था।

परिजनों के अनुसार, गौरव मंगलवार सुबह गांव से कचहरी में अपने अधिवक्ता से मिलने जा रहा था। धनौरा के पास कार सवार सात लोगों ने उसकी कार रोक ली और हथौड़ों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गौरव को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ के हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

सभी सात आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के अगले दिन जयपाल और जगवीर को पकड़ा गया था। इसके बाद अमित और कुलदीप की कचहरी गेट के पास से गिरफ्तारी हुई। इसी दौरान आरोपी प्रदीप की पुलिस से मुठभेड़ हुई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में 25 हजार रुपये के इनामी आरोपियों को भी उनके ठिकानों से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार, हथौड़ा, डंडे समेत अन्य सामान बरामद करने का दावा किया है।

ग्रामीणों में आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग

हत्याकांड के बाद गांव में परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। ग्रामीण आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ उनके मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है और ग्रामीणों से संपर्क कर स्थिति पर नजर रख रही है।