ऑनलाइन वाहन कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप, हादसे के बाद खुला मामला

PU

हापुड़ : नगर कचहरी में कार्यरत अधिवक्ता पीयूष सक्सेना ने ऑनलाइन वाहन खरीद-बिक्री करने वाली एक नामी कंपनी और उसके चैनल पार्टनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनी ने प्राथी विकास कुमार त्यागी की कार खरीदने के बाद भी उसका नामांतरण नहीं कराया, जिसके चलते उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अधिवक्ता पीयूष सक्सेना के अनुसार, विकास कुमार त्यागी ने अपनी कार 26 सितंबर 2025 को ऑनलाइन माध्यम से उक्त कंपनी को बेची थी। वाहन की सुपुर्दगी हापुड़ में कंपनी को दी गई थी। 28 सितंबर 2025 को कंपनी की ओर से वाहन प्राप्ति की लिखित रसीद जारी की गई, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख था कि वाहन सौंपे जाने के बाद उससे जुड़े सभी दायित्व कंपनी के होंगे। साथ ही कंपनी ने अपनी “सेलर प्रोटेक्शन पॉलिसी” के तहत भविष्य में किसी भी कानूनी विवाद की स्थिति में पूर्ण सहयोग और कानूनी सहायता का आश्वासन भी दिया था।

प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि एक मई 2026 को थाना कटरा, शाहजहांपुर पुलिस ने उनसे संपर्क कर जानकारी दी कि उनकी पूर्व में बेची गई कार 18 मार्च 2026 को हुए एक सड़क हादसे में शामिल थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था। इस मामले में पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया है। वाहन का पंजीकरण अभी भी पीयूष सक्सेना के नाम दर्ज होने के कारण पुलिस ने उनसे संपर्क किया।

पीड़ित का आरोप है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कंपनी को ई-मेल के माध्यम से सूचित किया। जवाब में कंपनी ने स्वीकार किया कि वाहन उसके चैनल पार्टनर को सौंप दिया गया था, लेकिन आज तक वाहन का नामांतरण नहीं कराया गया। अधिवक्ता ने इसे धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और तथ्य छिपाने का मामला बताते हुए संबंधित आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की थी जिससे न्यायाधीश ने थानाध्यक्ष को FIR करने व नियमानुसार जाँच कर उचित कार्यवाही के आदेश पारित किए।

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