हापुड़ तक नमो भारत पहुंचने की योजना पर बड़ा खुलासा, NCRTC ने कहा- न फिजिबिलिटी स्टडी हुई, न DPR तैयार

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RTI के जवाब में सामने आई स्थिति, गाजियाबाद-हापुड़ RRTS कॉरिडोर का अभी तक नहीं हुआ औपचारिक अध्ययन

हापुड़। हापुड़ और आसपास के क्षेत्र को नमो भारत (RRTS), रैपिड रेल अथवा मेट्रो सेवा से जोड़ने की चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने स्पष्ट किया है कि गाजियाबाद-हापुड़ RRTS कॉरिडोर के लिए अभी तक न तो कोई फिजिबिलिटी स्टडी की गई है और न ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई है।

हापुड़ निवासी सुमित अग्रवाल ने NCRTC से RTI के माध्यम से मेरठ-हापुड़ अथवा गाजियाबाद-हापुड़ के बीच नमो भारत, रैपिड रेल या मेट्रो सेवा शुरू करने को लेकर जानकारी मांगी थी। उन्होंने योजना की वर्तमान स्थिति, संभावित रूट, निर्माण शुरू होने की समय-सीमा और परियोजना से संबंधित नवीनतम जानकारी के बारे में सवाल किए थे।

NCRTC के जवाब से स्थिति साफ

NCRTC के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी की ओर से जारी जवाब में कहा गया है कि “Ghaziabad-Hapur RRTS corridor के लिए NCRTC द्वारा कोई Feasibility Study अथवा Detailed Project Report (DPR) तैयार नहीं की गई है।”

यह जवाब 18 अगस्त 2026 को जारी किया गया है। इसमें RTI आवेदन संख्या NCPRB/R/E/26/00017 का उल्लेख है। सुमित अग्रवाल ने 22 जुलाई 2026 को RTI आवेदन किया था, जबकि आवेदन 27 जुलाई को NCRTC को प्राप्त हुआ था।

रूट और स्टेशन को लेकर भी नहीं आया आधिकारिक खाका

RTI के जवाब से यह भी स्पष्ट होता है कि फिलहाल गाजियाबाद से हापुड़ तक प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर को लेकर आधिकारिक रूट, स्टेशन और निर्माण शुरू होने की समय-सीमा सामने नहीं आई है। चूंकि अभी फिजिबिलिटी स्टडी और DPR तैयार नहीं हुई है, इसलिए परियोजना की औपचारिक तैयारी किस चरण में है, इसे लेकर भी कोई निर्धारित समय-सीमा सामने नहीं आती।

हापुड़ के लिए क्यों अहम है कनेक्टिविटी

हापुड़ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का महत्वपूर्ण शहर है। दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ से बेहतर एवं तेज सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी की मांग क्षेत्र में लंबे समय से उठती रही है। नमो भारत नेटवर्क के विस्तार की चर्चाओं के बीच हापुड़ को भी आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की उम्मीद लोगों में बनी हुई है।

RRTS कनेक्टिविटी मिलने से क्षेत्र में आवागमन के साथ-साथ व्यापार, रोजगार और शिक्षा के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जाती रही है।

सरकार से जल्द अध्ययन कराने की मांग

RTI आवेदक सुमित अग्रवाल ने कहा कि हापुड़ की बढ़ती आबादी, औद्योगिक एवं व्यावसायिक महत्व और भविष्य की परिवहन जरूरतों को देखते हुए गाजियाबाद-हापुड़ RRTS कॉरिडोर की संभावनाओं पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से शीघ्र फिजिबिलिटी स्टडी कराने और आवश्यकता पाए जाने पर DPR तैयार कर परियोजना को आगे बढ़ाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि RTI के जवाब से वर्तमान स्थिति स्पष्ट हो गई है कि गाजियाबाद-हापुड़ RRTS कॉरिडोर के लिए अभी तक फिजिबिलिटी स्टडी या DPR तैयार नहीं हुई है। अब इस दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जरूरत है।