
Hapur News :- सावन के पावन महीने में गढ़मुक्तेश्वर से दिल्ली तक निकली साइकिल कांवड़ यात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। रविवार को गढ़मुक्तेश्वर से गंगाजल लेकर दिल्ली के ऐतिहासिक श्री गौरी शंकर मंदिर के लिए साइकिल कांवड़ यात्रा शुरू हुई। यात्रा में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विपुल अनेकांत, संदीप लांबा तथा अपर आयुक्त जीएसटी एवं आईआरएस अधिकारी मुकेश राठौर शामिल हुए। अधिकारियों ने साइकिल से यात्रा कर धार्मिक आस्था के साथ युवाओं को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
यात्रा के दौरान साइकिल कांवड़ यात्री नेशनल हाईवे-9 स्थित बाबूगढ़ चौकी पहुंचे। यहां पुलिस और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने अधिकारियों को पटका पहनाकर सम्मानित किया। छात्रा राधिका, मानवी और पार्थ ने शिव परिवार का चित्र भेंट कर तथा तिरंगा पटका पहनाकर अधिकारियों का अभिनंदन किया। स्वागत के दौरान धार्मिक आस्था और देशभक्ति का संगम देखने को मिला।
गंगाजल लेकर दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर तक जाएंगे अधिकारी
साइकिल कांवड़ यात्रा का उद्देश्य गंगाजल को दिल्ली तक पहुंचाने के साथ समाज में सकारात्मक संदेश देना भी है। यात्रा गढ़मुक्तेश्वर से शुरू होकर दिल्ली की ओर बढ़ेगी और पुरानी दिल्ली स्थित श्री गौरी शंकर मंदिर में भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक करने के साथ संपन्न होगी।
सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाघाटों से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इसी धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अधिकारियों ने साइकिल से कांवड़ यात्रा का निर्णय लिया।
युवाओं को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का संदेश
यात्रा में शामिल अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना जरूरी है। साइकिल कांवड़ यात्रा के माध्यम से युवाओं को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत समाज को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है।
अधिकारियों ने यात्रा के माध्यम से शांति, भाईचारे, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और आपसी सहयोग का संदेश देने की बात कही।
भगवान शिव से मांगी जनसेवा में समर्पण की शक्ति
साइकिल कांवड़ यात्रा में शामिल अधिकारियों ने भगवान शिव से देश और समाज की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान शिव से शक्ति और आशीर्वाद प्राप्त कर जनसेवा के दायित्व को और अधिक समर्पण, संवेदनशीलता तथा निष्ठा के साथ निभाने की प्रेरणा मिलती है।
साइकिल पर गंगाजल लेकर धार्मिक यात्रा में शामिल अधिकारियों का सादगीपूर्ण अंदाज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
बाबूगढ़ में स्वागत बना आकर्षण का केंद्र
साइकिल कांवड़ यात्रा के बाबूगढ़ पहुंचने पर पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने अधिकारियों का स्वागत किया। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने पटका पहनाकर उनका सम्मान किया। वहीं छात्रा राधिका, मानवी और पार्थ द्वारा शिव परिवार का चित्र भेंट करने और तिरंगा पटका पहनाने का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा।
शिव परिवार का चित्र धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, जबकि तिरंगा पटका राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का संदेश देता नजर आया। मौजूद लोगों ने साइकिल कांवड़ यात्रा की सराहना की।
गढ़मुक्तेश्वर का कांवड़ परंपरा में विशेष महत्व
गढ़मुक्तेश्वर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र है। सावन के दौरान यहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं।
धार्मिक मान्यताओं में गढ़मुक्तेश्वर की कांवड़ परंपरा का संबंध भगवान परशुराम से भी जोड़ा जाता है। ऐसे में गढ़मुक्तेश्वर से दिल्ली के श्री गौरी शंकर मंदिर तक साइकिल से गंगाजल लेकर निकलना धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेश देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।
साइकिल कांवड़ ने दिया पर्यावरण और स्वास्थ्य का संदेश
साइकिल से कांवड़ यात्रा का संदेश पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ा है। यह पहल युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देती है।

श्री गौरी शंकर मंदिर में होगा जलाभिषेक
यात्रा पूरी करने के बाद अधिकारी पुरानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक श्री गौरी शंकर मंदिर पहुंचेंगे। यहां पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा और इसके साथ साइकिल कांवड़ यात्रा का समापन होगा।
गढ़मुक्तेश्वर से शुरू हुई यह साइकिल कांवड़ यात्रा सावन के धार्मिक माहौल में आस्था, देशभक्ति, सामाजिक सद्भाव और युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का संदेश देती नजर आई।