यज्ञ का उदेश्य पीतांबरा सनातन की रक्षा करे एवं उसके समस्त शत्रुओ को समाप्त करे : चेतनानंद सरस्वती



मेरठ – शास्त्री नगर डी ब्लॉक स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में माँ बगलामुखी यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ के तीसरे दिवस पर डासना देवी मंदिर क़ी महंत यति माँ चेतनानंद सरस्वती के सानिध्य में मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डालकर भक्तों ने धर्म लाभ उठाया। यति माँ चेतनानंद सरस्वती ने बताया रविवार को माँ का  ध्यान मध्ये सुधाब्धि मणि मण्डप रत्न वेद्यां, सिंहासनो परिगतां परिपीत वर्णाम,पीताम्बरा भरण माल्य विभूषिताड्गीं  देवीं भजामि धृत मुद्गर वैरिजिह्वाम जिह्वाग्र मादाय करेण देवीं, वामेन शत्रून परिपीडयन्तीम, गदाभिघातेन च दक्षिणेन, पीताम्बराढ्यां द्विभुजां नमामि अर्थात अमृत के सागर के मध्य विभिन्न रत्नों से जड़ित वेदी है जिसके चारों ओर पीले रंग के आसान है जिस पर पीले वस्त्रों में पीले फूलों की माला स्वर्ण आभूषणों से सुसज्जित देवी विराजमान हैं। मैं उन देवी को प्रणाम करता हूं शत्रु की जीभ को वह एक हाथ से खींच रही हैं और देवी के दाहिने हाथ में मुदगर है जिससे वह शत्रु पर प्रहार कर रही है। दो भुजा वाली ऐसी देवी को मै प्रणाम करता हूं। सरस्वती ने बताया क़ी माँ बगलामुखी  का यज्ञ सात्विक साधना से विशेष सामग्री के प्रयोग जिसमें सफेद तिल, हल्दी, पीली सरसों, जौ,  शक्कर, पंच मेवा, शहद, गुगल की सामग्री प्रयोग करके किया जा रहा है। उन्होंने कहा यज्ञ का उदेश्य है पीतांबरा सनातन की संतती की रक्षा करे एवं सनातन के समस्त शत्रुओ को समाप्त करे एवं  यज्ञ में सम्मिलित भक्तगण एवं दानकर्ताओ की सभी मनोकामनाए पूर्ण हो। उन्होंने कहा क़ी यज्ञ ही वह श्रेष्ठ कर्म है जिससे देवताओं की भी पुष्टि होती है। इसलिए माँ बगलामुखी की साधना या आराधना करने से कईं सौ गुना ज्यादा फल माँ के यज्ञ को करने से मिलता है। भगवान् नारायण के अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी ने रावण और लंका पर विजय प्राप्त करने के उद्देश्य से माँ बगलामुखी की साधना की थी। इसी क्रम में पांडवो ने भी माँ बगलामुखी की साधना मध्य प्रदेश के नलखेड़ा में कर माँ के मंदिर की स्थापना की थी और अर्जुन ने माँ पीतांबरा से विजय का आशीर्वाद प्राप्त किया था। इसी प्रकार अनेकों ऐसे प्रमाण मिलते हैं जिनमे माँ ने अपने भक्तों की रक्षा विषम परिस्थिति में की है । इसलिए सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगो को माँ बगलामुखी की आराधना अवश्य करनी चाहिए। इस मौके पर रंजना वर्मा, आचार्य प्रदीप गोस्वामी, विपुल सिंघल, हिमांशु वर्मा, अमित चौहान, वंदना, आराध्या, पृथ्वी, मनोज श्रीवास्तव, सौरव ठाकुर, तेजस्विनी, दीपिका, राहुल, सीमा, शोभा आदि उपस्थित रहे।

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