रोहित कश्यप हत्याकांड को लेकर गांव में बढ़ा तनाव , बवाल के बाद गांव की सीमाएं सील

मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व हुए रोहित उर्फ रोनू हत्याकांड ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने परिजनों से मिलकर दुख जताया तो बसपा सुप्रीमों ने (X) के जरिए घटना की निंदा की तो सरधना क्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस द्वारा मृतक के रिश्तेदारों के घर के बाहर बैठे लोगों को हटाने की कार्रवाई के बाद स्थिति बिगड़ गई और गांव में हंगामा हो गया। ग्रामीणों और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। सरधना पुलिस मृतक रोहित कश्यप उर्फ रोनू के रिश्तेदारों के घर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान घर के बाहर सड़क पर कुर्सियां डालकर बैठे लोगों को हटाने के लिए कहा गया। पुलिस द्वारा कुर्सियां हटाए जाने और भीड़ को खदेड़े जाने पर रोहित के रिश्तेदार और ग्रामीण भड़क गए। देखते ही देखते लोगों ने पुलिस को घेर लिया और हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।


दरअसल,मुजफ्फरनगर के रहने वाले रोहित उर्फ रोनू उर्फ सोनू की एक सप्ताह पूर्व सरधना क्षेत्र के अक्खेपुर गांव के बाहर हत्या कर दी गई थी। रोहित ज्वालागढ़ गांव में अपनी मौसी के घर आ रहा था। आरोपियों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को आंशिक रूप से जला दिया था। पुलिस ने अधजले शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया था। मामले में सलावा गांव के रहने वाले नाबालिग टेंपो चालक को 24 घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया था। टेंपो में गाना बजाने और शराब पीने को लेकर हुए विवाद में रोहित उर्फ रोनू की हत्या की गई।


घटना के बाद मामला शांत था लेकिन हाल ही में कपसाड़ प्रकरण के बाद इस हत्याकांड को लेकर भी सियासत तेज हो गई है। रोहित के परिजनों ने पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि केवल एक आरोपी को जेल भेजकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है, जबकि हत्याकांड में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। कांग्रेस, बसपा, कश्यप वंशीय समाज हित संस्था समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ता गांव पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए रोहित के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ने का भरोसा दिलाया।


देर शाम सीओ आशुतोष कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर वाहन में बैठाने का प्रयास किया, जिससे हालात और बिगड़ गए। लोगों ने हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने लाठी फटकार कर स्थिति पर नियंत्रण पाया। एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

घटना के बाद मेरठ रेंज के DIG कलानिधि नैथानी का कहना है कि एक सप्ताह पूर्व रोहित उर्फ सोनू की हत्या हुई थी मेरठ पुलिस ने तत्काल मृतक की पहचान कराई और फिर 24 घंटों में ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था । फिलहाल इस प्रकरण में कोई कानूनी पहलू नहीं बचा है लेकिन परिजनों कुछ बताना चाहे तो थाने से लेकर अफसरों की किसी भी स्तर पर अपनी बात रख सकते है।

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