
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन समारोह आज संपन्न हुआ। इस संगोष्ठी में दस राज्यों से विद्वान, शोध छात्र, और प्रोफेसर शामिल हुए, जिन्होंने बिरसा मुंडा के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक योगदान पर महत्वपूर्ण शोध पत्र प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इतिहास विभाग के प्रमुख, प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा ने कहा कि इस संगोष्ठी के माध्यम से बिरसा मुंडा के योगदान और उनके संघर्ष को एक नई दिशा मिलती है। उन्होंने बताया कि चयनित शोध पत्र भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद को भेजे जाएंगे, जिन्हें अखिल भारतीय स्तर पर प्रकाशित किया जाएगा।
समापन समारोह में अतिथि वक्ताओं ने बिरसा मुंडा के जीवन और उनके संघर्ष को प्रेरणादायक बताया। मिहिरभोज पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर किशोर कुमार शर्मा ने कहा, “बिरसा मुंडा का संघर्ष और उनका समर्पण आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है।” कार्यक्रम के समापन पर डॉ. मनीषा त्यागी ने धन्यवाद ज्ञापित किया, और सभी शोधकर्ताओं, विद्वानों एवं उपस्थितगणों का आभार व्यक्त किया।