स्वास्थ्यकर्मियों को सबसे पहले दी जाएगी कोविड वैक्सीन

कोविड वैक्सीन को लेकर सीएमओ के साथ बैठक करते डीएम अनुज कुमार झा
कोविड वैक्सीन को लेकर सीएमओ के साथ बैठक करते डीएम अनुज कुमार झा

अयोध्या। कोरोना महामारी से निपटने के लिए बनी वैक्सीन सबसे पहले सरकारी, गैर सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों को दी जाएगी। जिसके लिए सभी अस्पताल, क्लीनिक संचालकों से कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। बृहस्पतिवार को जिलधिकारी अनुज कुमार झा के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ घनश्याम सिंह ने यह जानकारी दी। बताया है कि कोविड-19 के संक्रमण के खतरे से बचाव के दृष्टिगत भारत सरकार एवं उप्र शासन से आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश मिले हैं। प्रथम चरण में जिले के सभी सरकारी, गैर सरकारी पंजीकृत निजी क्षेत्र के चिकित्सा प्रतिष्ठानों (अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेन्टर, पैथोलॉजी, लैब, अल्ट्रासाउण्ड सेन्टर आदि) के चिकित्सकों, पैरामेडिकल्स एवं स्वास्थ्य सेवा से जुड़े सभी कार्मिकों को कोविड-19 वैक्सीन देने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्वास्थ्य कार्मियो को सूचीबद्ध किया जा रहा है। कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या में पंजीकृत कई निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानो के चिकित्सक/संचालकों ने कार्यरत कर्मचारियों का कोविड-19 वेक्सीन के लिए डाटावेस (सूची) तैयार की जानी है। अभी तक गैर सरकारी पंजीकृत निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों से कर्मचारियों की सूची प्रेषित नही की गई है।जिसके कारण अभी राज्य सरकार या भारत सरकार को सूची नहीं भेजीजा सकी है जो कि अत्यन्त ही खेदजनक है।

सीएमओ ने बताया कि ऐसे में निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानो के चिकित्सकों/संचालको से कहा गया है कि अविलम्ब शासन के दिशा-निर्देशो के अनुरूप उनके यहां कार्यरत स्वास्थ्य कार्मिकों की सूची उपलब्ध कराने का कष्ट करें। जिससे स्वास्थ्य कार्मिको को वैक्सीन का लाभ प्राप्त हो सके। इसके विपरीत कार्यरत स्वास्थ्य कार्मिको की सूचना कार्यालय को नहीं भेजने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को शीघ्र से शीघ्र प्रेषित करने का अनुरोध किया गया है।उक्त स्थिति में उस निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है। लाइसेंस निरस्तीकरण की स्थिति में निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानो के संचालक/नोडल स्वंय जिम्मेदार होंगे तथा महामारी अधिनियम के तहत भी नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। कोई समस्या हो तो मुख्य चिकितसा अधिकारी कार्यालय या मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कभी भी सम्पर्क किया जा सकता है।

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