मुठभेड़ के दौरान 50 हजार का इनामी बदमाश डब्लू यादव ढेर

बिहार/यूपी एसटीएफ एवं हापुड़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मारा गया कख्यात अपराधी

हापुड़- सिंभावली थाना क्षेत्र के बड्ढा नहर पुल के पास रविवार देर रात चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में बिहार का कुख्यात अपराधी डब्लू यादव ढेर हो गया। उस पर हत्या, अपहरण और डकैती समेत दो दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज थे। बिहार पुलिस ने हाल ही में उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित किया था।

पुलिस के अनुसार, थाना प्रभारी सुमित तोमर पुलिस बल के साथ चेकिंग कर रहे थे, तभी एक संदिग्ध बाइक सवार आता दिखा। रुकने के इशारे पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर जंगल की ओर भागने की कोशिश की। इसी दौरान नोएडा और बिहार एसटीएफ की टीम भी वहां पहुंच गई। तीनों टीमों ने जंगल में घेराबंदी कर कॉम्बिंग शुरू की। जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल हुआ और बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वही पुलिस ने बदमाश के पास से एक बाइक, कार्बाइन, पिस्टल, तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आधुनिक हथियार बदमाश को किसने मुहैया कराए और इसके पीछे किस गैंग का हाथ है। बिहार में कई हत्याओं में था शामिल।

सुशील भूले एसएसपी STFलख़नऊ


वही मृतक की पहचान बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के ज्ञानटोल निवासी डब्लू यादव उर्फ सूरज यादव पुत्र सूर्यनारायण यादव के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उसने हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष राकेश उर्फ विकास कुमार की अपहरण के बाद हत्या कर शव जमीन में दफनाया था। इसके अलावा वर्ष 2017 में अपने विरुद्ध गवाही देने वाले महेंद्र यादव की भी उसने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सूत्रों के अनुसार, डब्लू यादव ने राजनीति और अपराध का ऐसा गठजोड़ तैयार किया था डब्लू यादव खौफ का दूसरा नाम बन गया था। हम पार्टी के नेता राकेश कुमार से वर्चस्व को लेकर उसका पुराना विवाद था, जो अंततः हत्या तक पहुंच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। वहीं पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद हथियार कहां से प्राप्त किए गए थे और डब्लू यादव किस गैंग से जुड़ा हुआ था।

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