टोल कर्मियों की गुंडई पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा



हापुड़— छिजारसी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों के बदसलूकी के कारनामे आये दिन चर्चा का विषय बने रहते है। मंगलवार शाम को छिजारसी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों की भाकियू नेता के बेटे से अभ्रद्र भाषा एवं बदसलूकी करने के मामले में जबरदस्त हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया गया। वही भाकियू टिकैत के किसान संगठन के नेता हाजी खुशनू ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ता मतलूब का पुत्र अनस कार से हापुड़ से गाजियाबाद जा रहा था। छिजारसी टोल प्लाजा पर जब उसने टोल कर्मियों से गाड़ी के नंबर के बारे में पूछा, तो टोल कर्मियों ने गाड़ी का नंबर कंट्रोल रूम पर न होने की बात कहकर टोल शुल्क मांगा। और टोल कर्मियों ने अभद्रता की उसे परेशान किया। इसके बाद अनस ने ढाई सौ रुपये का शुल्क दिया और वहां से निकल गया। जिसकी जानकारी भाकियू के नेताओं को दी जिसके बाद भाकियू के कार्यकर्ताओं ने टोल पर पहुंचकर मैनेजर से बात करनी चाही तो कर्मचारियों ने अभ्रव्याहार किया। जिसके बाद भाकियू के कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मामले में केवल औपचारिकता निभाते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता कर मामला शांत करवा दिया गया है। वही टोल प्लाजा के सहायक मैनेजर नितिन राठी ने भी इस मामले को “गलतफहमी” बताकर मामले को सुलझाने का दावा किया। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को न होने का आश्वासन दिया, लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या सिर्फ एक समझौते से टोल कर्मियों के इस प्रकार के कृत्यों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है? क्या यह मुद्दा सिर्फ एक और दिखाता है।


अगर इस प्रकार की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाती, तो शायद ऐसे हंगामे की आवश्यकता ही नहीं होती। उक्त घटना को गंभीरता से लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाये जाये।

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