राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में सड़क पर उतरे बैंक कर्मचारी

बैंक कर्मचारियों की हड़ताल
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल

अयोध्या। सात सूत्री मांगों के समर्थन में राष्ट्रव्यापी हड़ताल में जिले के भी बैंक कर्मचारी शामिल हुए। हड़ताली कर्मियों का कहना था कि भारत सरकार की जन विरोधी, श्रमिक एवं कर्मचारी विरोधी , किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ तथा 25करोड़ कामगारों के हितों के समर्थन में यह हड़ताल की जा रही है। आल इंडिया बैंक एम्पलॉइज एसोसिएशन बैंककर्मियों की समान सात सूत्री मांगों के साथ बैंककर्मी से राष्ट्रव्यापी हड़ताल से कामकाज प्रभावित रहा। सात सूत्री मांग में बैंको के निजीकरण रोकने, लोन डिफाल्टर्स पर कड़ी कार्रवाई, बड़े कारपोरेट घरानों से एनपीए की वसूली, बैंक जमा धनराशि पर ब्याज दर में वृद्धि, ऑउट सोर्सिंग प्रथा बन्द करने, बैंको में समुचित कर्मचारियों की भर्ती करने, सहकारी बैंकों समेत सभी बैंको में डीए से सम्बद्ध पेंशन लागू करने,सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंको एवम् ग्रामीण बैंकों को पुनर्जीवित एवम् मजबूत करने की मांग को लेकर एआईबीईए/यूपीबीईयू के बैनर तले हड़ताल आयोजित की गई। यूपीबीईयू के प्रांतीय सहायक मंत्री, सेंट्रल बैंक स्टॉफ एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री केके रस्तोगी एवम् यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन अयोध्या के संयोजक सुभाष चन्द्र श्रीवस्तव के नेतृत्व में सेंट्रल बैंक सिविल लाइन के सामने बैंककर्मियों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान सभा में केके रस्तोगी, सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने मांगों पर प्रकाश डाला, सरकार की आर्थिक नीतियों की कटु भरसना की।सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि इन मांगो एवम् हड़ताल को बैंकों की सभी संगठनों का नैतिक समर्थन प्राप्त है। सभा को सुरेश कुमार, पवन कुमार सिंह, पंकज कुमार, आरएस दुबे, देवेंद्र कुमार, राम प्रीत, राम गोपाल सिंह, राम चंदर, आरपी यादव, घनश्याम पांडेय, अशोक मिश्र, सतेंद्र, अर्जुन, रामचेत, ओमप्रकाश व अवधेश सिंह आदि ने सम्बोधित किया। जिले के करीब 75 फीसद बैंको में हड़ताल से काम ठप रहा। स्टेट बैंक, जिला सहकारी बैंक में ही बैंक कार्य हुआ।

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