
कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आम आदमी पार्टी सरकार ने शारीरिक दूरी और मास्क नहीं लगाने समेत 5 गलतियों पर 2000 रुपये जुर्माने का प्रावधान किया है। इस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी सरकार से कहा कि जुर्माना वसूले जाने के दौरान लोगों से नकद पैसे नहीं लिए जाएं, बल्कि दूसरे जरिये मसलन इलेक्ट्रिक ट्रांजैक्शन करवाया जाए। इसके लिए एक पोर्टल भी बनाया जाए। वहीं, मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम-2019 के तहत चालान काटने की व्यवस्था को मनमाना एवं दोषपूर्ण बताते हुए एक अधिवक्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता सोनाली करवासरा ने कहा है कि उचित और विश्वसनीय तकनीक के बिना ही चालान काटे जा रहे हैं। यातायात उल्लंघन की निगरानी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक का उच्चीकृत करने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि यातायात उल्लंघन का पता लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा उपयोग की जाने वाली पुरानी तकनीकों के कारण इस अधिनियम को कुशलतापूर्वक लागू करने में कई अड़चन है। उन्होंने याचिका में कहा कि ऐसे उदाहरण हैं जहां दोषपूर्ण उपकरणों के कारण भारी जुर्माना जारी किया गया है और फिर जुर्माना रद भी करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगस्त से 10 अक्टूबर 2019 के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार के लिए यातायात विभाग द्वारा किए गए चालान में से 1.57 लाख से अधिक चालान रद किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी के लिए स्थापित की जा रही तकनीक के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि वह यातायात के नियमों के उल्लंघन के मामलों की निगरानी के लिए उचित बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र व दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए।