धरती का एक नाम गोमाता भी है : शंकराचार्य जी
– योगीपुरम में आयोजित देवी भागवत कथा का समापन मेरठ। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामीश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने देवी भागवत कथा के समापन के मौके पर कहा कि यह संसार अनादि है, जब- जब देवी- देवताओं व मनुष्यों पर विपत्ति आती है सब देवी परांबा राजराजेश्वरी की सेवा करते हैं। जब भी किसी को पीड़ा होती है तो सब मां को ही याद करते हैं। मां कभी काली, कभी चंडी व कभी तारा बनती है, उद्देश्य केवल अपने बच्चों…






