समरसता का भाव है सबको समान समझना- राजकुमार
ब्रजघाट – गंगानगरी में आशीष शर्मा के आवास पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद और कवि राजकुमार हिंदुस्तानी ने कहा कि सामाजिक समरसता राष्ट्र की मजबूती का आधार है। समरसता का भाव है। समाज में सभी को समान समझना चाहिए। अच्छे नैतिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने वाला व्यक्ति ही समाज में सम्मानित होता है। सामुदायिक भागीदारी से व्यक्ति में निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। समाज में सहभागिता व्यक्ति में…






