
● जिममेदारों की गैर जिम्मेदाराना नीतियों से हो रहा अवैध निर्माण…….
हापुड़ : योगी सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण में वर्षो से तैनात अधिकारी अपने धनबल व रसूकों के दम पर अंगद का पैर साबित हो रहे है। जिनके सामने सरकार की नीति व नियम कोई मायने नही रखते। जिसके चलते कुछ अधिकारी और कर्मचारी निजी स्वार्थ में लिप्त होकर सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं। जिले में अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों धड़ल्ले से विकसित हो रही है। जिससे भविष्य में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ रसूखदार अधिकारी एवं कर्मचारी भू-माफियाओं से मिलीभगत कर अवैध निर्माण को बढ़ावा दे रहे हैं। जिसकी भनक वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचने दे रहे है। आपको बता दे कि गाजियाबाद के नगर आयुक्त के पद से स्थानातंरण होकर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने वाले नितिन गौंड़ ने कार्यभार संभालते ही अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार की नीतियों के अनुसार कार्य करने और भ्रष्टाचार से दूर रहने के सख्त निर्देश दिए थे। भू—माफिया से सांठगांठ या किसी अवैध निर्माणों कार्यो में अधिकारियों एवं कर्मचारियों संल्पिता पाई गई, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। मगर उक्त चेतावनी का कोई असर इन भ्रष्ट अधिकरियों पर नही पड़ता नजर आ रहा है। उक्त जिम्मेदार अधिकारियों के क्षेत्रों में धड़ल्ले से नियम विरूध अवैध निर्माणों का कार्य बडे पैमाने पर किया जा रहा है। जिससे विभाग को तो अच्छे खासे राजस्व का नुकसान हो रहा है,वही सरकार की छवि को भी बटटा लगता नजर आ रहा है। प्रदेश की योगी सरकार ने 2017 में सत्ता संभालते ही भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई कर स्पष्ट संदेश दिया था हालांकि, प्राधिकरण विभाग पिछले कई वर्षो से इस नीति को नजरअंदाज करता आ रहा है। प्राधिकरण कार्यालय में कुछ अधिकारी पिछले करीब दस वर्षो से प्राधिकरण में तैनात है।जिनके सिस्टम के आगे सरकार के नियम एवं नीति फेल होती नजर आ रही रही है। जिले में कई अवैध बहुमंजिला निर्माणाधीन इमारतों पर ध्वस्तीकरण व सीलिंग कार्यवाही फाईलों में ही कर जिम्मेदारी की इत्ज्ञी कर ली है। सूत्रों की मानों तो उक्त मामलों में भ्रष्ट अधिकारियों ने करोड़ोंं रुपये के व्यारे न्यारे किये गये है। जबकि कुछ इमारतों का निर्माण स्वीकृत आवासीय नक्शे पर बहुमंजिला व्यवसायिक टॉवर खडे कर दिए गये है, जो जिम्मेदार अधिकरियों की गैर जिम्मेदाराना नीति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है। जिसमें बडे भ्रष्टाचार के खेल से इंकार नही किया जा सकता है। इसमें एई,जेई और अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है, जिससे सरकार की सख्त नीतियों पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। वही प्राधिकरण के जिम्मेदारों का एक ही रटारटाया जबाब किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बक्शा नही जायेगा। अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
प्राधिकरण के प्रभारी सचिव प्रवीण गुप्ता का कहना कि जिन लोगों ने प्राधिकरण क्षेत्र में नियम विरूध अवैध निर्माण किए है,उन्हें नोटिस देकर एक प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण व सीलिंग की कार्यवाही की जा रही है।
