
हापुड़: जनपद के लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। जनपद सोमवार को कोरोना मुक्त हो गया है। अब एक भी सक्रिय मरीज नहीं बचा है। वहीं, सोमवार को आईं संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट में से कोई संक्रमित भी नहीं मिला है। जिसके बाद कोरोना संक्रमण अब दम तोड़ता नजर आ रहा है। इसको लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राहत भरी सांस ली है।
हालांकि अभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहे हैं। फिलहाल संक्रमण की तीसरी लहर की तैयारी जोरों पर की जा रही है।
वैश्विक महामारी का कारण बने कोरोना संक्रमण ने जनपद में जमकर कोहराम मचाया है। बीते करीब डेढ़ साल जितने लंबे समय से जनपद कोरोना संक्रमण से लड़ाई लड़ रहा है। जनपद की बात की जाए तो कोरोना संक्रमण का पहला मामला दो अप्रैल 2020 को मिला था।
वह मरीज विदेशी नागरिक था और दिल्ली में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में प्रतिभाग कर वह जनपद में शरण लिए हुए था। इसके बाद चार अप्रैल को अन्य मरीज मिलने शुरू हो गए थे। देखते ही देखते मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ना शुरू हो गई थी। कड़ी मशक्कत के बाद संक्रमण की पहली लहर पर काबू पाया गया लेकिन, कभी मरीजों की संख्या शून्य तक नहीं पहुंची थी।
इस वर्ष के मार्च माह तक मरीजों की संख्या कम तो हो गई थी। 31 मार्च 2021 को सक्रिय मरीजों की संख्या 14 थी। जिसके बाद लोगों ने सोचा था कि कोरोना संक्रमण का खतरा अब टल चुका है। लेकिन, यह लोगों को बड़ी भूल थी। अप्रैल माह शुरू हुआ तो मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में मरीजों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी कि अस्पतालों के बेड फुल तक हो गए। कोरोना की पहली लहर में केवल 68 मरीजों की ही कोरोना से मौत हुई थी। लेकिन, दूसरी लहर में यह संख्या बढ़कर 216 तक पहुंच गई।
यह आंकड़े तो वह हैं जो स्वास्थ्य विभाग में दर्ज हैं। लेकिन, मई के अंतिम सप्ताह तक संक्रमण पर लगाम लगनी शुरू हो गई। जिसके बाद नए संक्रमित मरीजों के मिलने वालों की संख्या में तेजी से गिरावट और स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या तेजी से ऊपर बढ़नी शुरू हो गई। अब सोमवार को जनपद कोरोना से मुक्त हो गया है।
97 जांच रिपोर्ट में नहीं मिला संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सोमवार को कुल 97 संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुईं। इन जांच रिपोर्ट में से किसी में भी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, अभी स्वास्थ्य विभाग को 565 संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
प्रतिदिन हुईं हो हजार तक संदिग्धों की जांचकोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब जनपद में संक्रमित मरीज तेजी से बढ़ने लगे इस पर लगाम लगाने के लिए अधिकारियों ने योजना तैयार की। प्रतिदिन दो हजार से अधिक संदिग्ध मरीजों के सैंपल एकत्र कर उनकी जांच कराई जानी शुरू की गई। जनपद में अब तक कुल 687998 संदिग्ध मरीजों की कोरोना की जांच हो चुकी हैं।
इनमें से 425853 संदिग्धों की जांच एंटीजन किट द्वारा की गई है। जबकि 258269 संदिग्धों की आरटी-पीसीआर लैब और 3216 संदिग्धों की ट्रूनेट लैब में जांच हो चुकी है।
अभी भी सावधानी बरतने की आवश्यकता
जनपद में अब एक भी सक्रिय मरीज नहीं है। लेकिन, अभी भी सावधानी बरतने की आश्यकता है। लोग यह सोचकर कतई लापरवाही न बरतें कि संक्रमण का खतरा टल चुका है। ऐसी भूल पहले भी लोगों द्वारा की जा चुकी है। अब तक 12309 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 12093 स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 216 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है। – डॉ. रेखा शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी