हापुड़ (तुषार जैन) । कसेरठ बाजार स्थित श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण पर्युषण महापर्व के तहत धार्मिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान आचार्य विद्यासागर पाठशाला के बालक-बालिकाओं ने ‘मोबाइल का प्रयोग छोटे बच्चों के लिए कितना घातक है’ विषय पर नाटिका प्रस्तुत कर अभिभावकों और समाज के लोगों को मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया।
नाटिका के माध्यम से बच्चों ने मोबाइल के अधिक इस्तेमाल से पढ़ाई, दिनचर्या और सामाजिक व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभावों को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन रेणुका जैन ने किया। नाटिका के बाद जैन भजनों पर आधारित अंताक्षरी का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंताक्षरी का संचालन नेहा जैन ने किया।
इससे पहले प्रातःकाल मंदिर में अभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन हुआ। इसके उपरांत कल्याण मंदिर विधान पाठ कराया गया। जैन विद्वान योगेश जैन शास्त्री ने विधान पाठ संपन्न कराया। कार्यक्रम में संगीतज्ञ विकास भारद्वाज ने संगीत के माध्यम से भजन प्रस्तुत किए।
उत्तम सत्य धर्म पर हुआ प्रवचन
दशलक्षण पर्युषण महापर्व के तहत आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में उत्तम सत्य धर्म के महत्व पर भी प्रवचन हुआ। जैन विद्वान योगेश जैन शास्त्री ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सत्य वचन बोलने का प्रयास करना चाहिए। सत्य के मार्ग पर चलने से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने कहा कि सत्य बोलने से व्यक्ति के मन में आत्मसंतोष उत्पन्न होता है और मन की शुद्धि होती है। धार्मिक पर्वों का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से जीवन में अच्छे संस्कार, संयम और सदाचार को अपनाने की प्रेरणा भी मिलती है।
कार्यक्रम में जैन समाज के अध्यक्ष सुधीर जैन, महामंत्री अशोक जैन, संरक्षक अनिल जैन, राजेश जैन, सुरेश चंद जैन, सुशील जैन, तुषार जैन, राजीव जैन, आरके जैन, स्वलिप जैन, विकास जैन, रजत जैन, निशा जैन, मीतिशा जैन, ममता जैन, मीनू जैन, रेखा जैन, बीनू जैन, मंजू जैन, मगन जैन, शिल्पी जैन, नीतू जैन, गरिमा जैन, नीति जैन, बबीता जैन, ऋचा जैन, श्वेता जैन सहित जैन समाज के अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
