हापुड़ के साइबर थाना प्रभारी मुनीष प्रताप सिंह को राष्ट्रपति वीरता पदक, 2021 की मुठभेड़ में दिखाई थी अदम्य बहादुरी

हापुड़। उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज अधिकारी और वर्तमान में हापुड़ साइबर थाना प्रभारी के पद पर तैनात मुनीष प्रताप सिंह को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उनकी वीरता और उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक (President’s Gallantry Medal) से सम्मानित किया गया। लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने उन्हें पदक प्रदान कर सम्मानित किया।

यह सम्मान उन्हें वर्ष 2021 में नोएडा में कुख्यात अपराधी अजय उर्फ कालिया के साथ हुई मुठभेड़ में दिखाई गई बहादुरी के लिए प्रदान किया गया है।

2021 में नोएडा में कुख्यात बदमाश से हुई थी मुठभेड़

मुनीष प्रताप सिंह उस समय नोएडा के सेक्टर-20 थाना प्रभारी के रूप में तैनात थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो लाख रुपये का इनामी कुख्यात बदमाश अजय उर्फ कालिया सेक्टर-14 नाले के पास छिपा हुआ है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देखकर बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी मोर्चा संभाला और मुठभेड़ में अजय उर्फ कालिया मारा गया।

दो लाख रुपये का इनामी था अजय उर्फ कालिया

पुलिस के अनुसार अजय उर्फ कालिया कुख्यात अपराधी था और उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ लूट, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कई मुकदमे दर्ज बताए गए थे।

अजय को कुख्यात एक्सल गैंग से भी जोड़ा जाता था। इस गैंग पर हाईवे पर वाहनों को रोककर लूटपाट करने के आरोप रहे हैं।

हाईवे पर वाहनों को रोककर करता था वारदात

पुलिस के मुताबिक एक्सल गैंग के सदस्य हाईवे पर चल रहे वाहनों को निशाना बनाते थे। वाहनों के आगे लोहे की वस्तु या नुकीली छड़ डालकर उन्हें रोकने के बाद हथियारों के बल पर लूटपाट की जाती थी।

अजय उर्फ कालिया पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के आरोप रहे थे।

वीरता पदक मिलने से हापुड़ पुलिस में खुशी

मुनीष प्रताप सिंह को राष्ट्रपति वीरता पदक मिलने से हापुड़ पुलिस विभाग में भी उत्साह का माहौल है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिला यह सम्मान उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और पुलिस सेवा में योगदान की पहचान माना जा रहा है।

सम्मान मिलने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।